यूं ही नहीं BrahMos की दुनिया दीवानी...भारत की इस मिसाइल के कलर में है ये खास बात
Authored by: नितिन अरोड़ाUpdated Nov 30 2025, 15:22 IST
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भारत की ब्रह्मोस मिसाइल की दुनिया दीवाना है। कई देशों से इसके ऑर्डर पर बात चल रही है। वहीं, ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान पर छोड़ी गई इस मिसाइल ने जो तबाही लाई, उससे इसकी ताकत की और अधिक पुष्टी हो गई। लेकिन इस बीच मिसाइल के कलर को लेकर क्या खास बात है तो जानते हैं। ब्रह्मोस मिसाइल पर एक खास ग्रे पेंट शेड की कोटिंग की गई है जो समुद्र की सतह के रंग से काफी मिलता-जुलता है। यह विज़ुअल कैमोफ्लेज दुश्मन के लुकआउट और इंफ्रारेड सेंसर के लिए मिसाइल की विजिबिलिटी को कम करता है, जिससे कम ऊंचाई पर समुद्र में उड़ान भरने के दौरान स्टेल्थ में मदद मिलती है।
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ग्रे पेंट में ऐसे मटीरियल होते हैं जो रडार वेव्ज को एब्जॉर्ब या स्कैटर करने में मदद करते हैं। इससे रडार रिफ्लेक्शन कम होता है और मिसाइल का रडार क्रॉस-सेक्शन कम होता है, जिससे रडार सिस्टम के लिए ब्रह्मोस को डिटेक्ट करना और ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है।
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समुद्र की सतह से 3 से 10 मीटर ऊपर उड़ते हुए, ब्रह्मोस समुद्र की लहरों और रोशनी की स्थिति के साथ घुलमिलकर ग्रे पेंट के प्रभाव का लाभ उठाती है और दुश्मन के सेंसर से अपनी उपस्थिति को और छिपा लेती है।
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ग्रे पेंट खास तौर पर खारे पानी में जंग लगने, ज्यादा नमी और तापमान में बदलाव से बचाने के लिए बनाया गया है। इससे यह पक्का होता है कि मिसाइल की स्टेल्थ कोटिंग पूरी ऑपरेशनल लाइफ और मुश्किल नेवल मिशन के दौरान भी असरदार रहे।
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ग्रे पेंट की स्टेल्थ प्रॉपर्टीज, ब्रह्मोस की Mach 2.8 की सुपरसोनिक स्पीड के साथ मिलकर, दुश्मन के डिफेंस सिस्टम को कम से कम रिएक्शन टाइम देती हैं, जिससे सफल स्ट्राइक की संभावना बढ़ जाती है।
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वहीं, ग्रे पेंट दृश्य और रडार स्टेल्थ में सहायता करता है, जो ब्रह्मोस की एयरोडायनामिक शेपिंग और मिश्रित सामग्रियों के साथ मेल खाता है, जो रडार की चुनौतियों को भी कम करता है और कुलमिलाकर मिसाइल अदृश्यता को बढ़ाता है।
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ऑपरेशन सिंदूर जैसे युद्ध के दौरान, ब्रह्मोस के ग्रे पेंट सहित स्टेल्थ फीचर्स दुश्मन के रडार और एयर डिफेंस सिस्टम से बचने में कारगर साबित हुए हैं, जो नौसेना के स्ट्राइक ऑपरेशन्स में इसकी सफलता को मजबूत बनाता है।