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देश में कितने तालाब, जलाशय और झीलें, जल स्रोतों की पहली बार हुई गणना, जानें क्या कहती है रिपोर्ट

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated Apr 25, 2023, 12:10 PM IST

India’s 1st water bodies census : मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि यह गणना देश में उपलब्ध सभी जल स्रोतों पर एक व्यापक नजरिया देती है। इनमें से 22 फीसदी जल स्रोत प्राकृतिक एवं 78 फीसदी जल स्रोत जैसे कि तालाब, टैंक्स, रिजरवायर, चेक डैम्स एवं झीलें मानव निर्मित हैं।

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देश में पहली बार जल स्रोतों की गणना हुई है।

Photo : BCCL

India’s 1st water bodies census : देश के सभी जलस्रोतों की पहली बार गणना हुई है। जल शक्ति मंत्रालय की ओर से जारी इस रिपोर्ट में देश भर के तालाबों, टैंक, झील एवं रिजरवायर पर व्यापक आंकड़ा तैयार किया गया है। देश में उपलब्ध सभी जल स्रोतों पर यह गणना साल 2018-19 में की गई। गणना के बाद यह बात सामने आई कि राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में 24 लाख से ज्यादा जल स्रोत हैं। इनमें सबसे ज्यादा जल स्रोत (7.47 लाख) पश्चिम बंगाल में हैं।

बंगाल में सबसे ज्यादा जल स्रोत

रिपोर्ट के मुताबिक बंगाल के बाद सबसे ज्यादा जल स्रोत उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और असम में हैं। खास बात यह है कि देश में जितने भी जल स्रोत हैं उनमें से आधे से ज्यादा निजी हाथों में हैं। इस गणना में जल स्रोतों को लेकर शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में असमानताएं भी दिखी हैं। देश में कुल जल स्रोतों में से 97 प्रतिशत (23,55,055) जलस्रोत केवल ग्रामीण इलाकों में हैं, केवल 2.9 फीसदी (69,485) जल स्रोत शहरी क्षेत्रों में हैं।

78 फीसदी जल स्रोत मानव निर्मित

मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि यह गणना देश में उपलब्ध सभी जल स्रोतों पर एक व्यापक नजरिया देती है। इनमें से 22 फीसदी जल स्रोत प्राकृतिक एवं 78 फीसदी जल स्रोत जैसे कि तालाब, टैंक्स, रिजरवायर, चेक डैम्स एवं झीलें मानव निर्मित हैं।

निजी हाथों में 55.2 फीसदी जल स्रोत

इस गणना में यह बात सामने आई है कि कुल जल स्रोतों में से 55.2 फीसदी जल स्रोत निजी लोगों एवं संस्थाओं के हाथों में हैं। जबकि 44.8 फीसदी जल स्रोतों पर सरकारी नियंत्रण है। देश में सबसे ज्यादा झीलें तमिलनाडु और जल संरक्षण की योजनाएं सबसे ज्यादा महाराष्ट्र में हैं। उत्तर प्रदेश में जल स्रोतों की संख्या 2.45 लाख, आंध्र प्रदेश में 1.90 लाख, ओडिशा में 1.81 लाख, असम में 1.72 लाख, झारखंड में 1.07 लाख, तमिलनाडु में 1.06 लाख है।

उपयोग में 82 फीसदी जल स्रोत

रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में कुल जल स्रोत (24,24,540) का 82 फीसदी उपयोग में है। जबकि 1.6 प्रतिशत हिस्से पर अतिक्रमण है। शेष बचे 16.3 फीसदी जल स्रोतों का इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है। जिनका इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है वे जल स्रोत या तो सूख गए हैं या उनका अब मरम्मत नहीं हो सकता। जिन जल स्रोतों का इस्तेमाल हो सकता है उनमें 58.2 प्रतिशथ तालाब, 15.6 फीसदी टैंक्स, 14.2 प्रतिशत रिजरवायर, 9.3 फीसदी जल संरक्षण योजनाएं (डैम), 0.5 फीसदी झीलें और 2.2 प्रतिशत अन्य जल स्रोत हैं।

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आलोक कुमार राव
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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