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Indian Railways: रेलवे की बड़ी पहल, IRCTC लंबी दूरी की ट्रेनों और स्टेशनों पर करेगा खाने की जांच

Indian Railways: भारतीय रेलवे और आईआरसीटीसी ने लंबी दूरी की ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों के फूड स्टॉलों पर यात्रियों को परोसे जाने वाले खाद्य पदार्थों और पेय पदार्थों की गुणवत्ता और मात्रा की जांच करने के लिए शुरू किया अभियान।

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भारतीय रेलवे ने खाने की जांच के लिए शुरू किया अभियान

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Mumbai: भारतीय रेलवे और IRCTC ने लंबी दूरी की ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर खाने-पीने की चीजों की गुणवत्ता और मात्रा की जांच शुरू कर दी है। इस साल 14 जून से शुरू हुआ यह पहला ऐसा निरीक्षण है, जो रेलवे बोर्ड द्वारा सभी लंबी दूरी की ट्रेनों में बेचे जाने वाले खाने-पीने की चीजों की जांच करने के आदेश के बाद किया गया है। रेलवे के सूत्रों ने बताया कि पिछले दो महीनों में उन्हें खाने की गुणवत्ता और विक्रेताओं द्वारा अधिक पैसे वसूलने के बारे में कई शिकायतें मिलीं। इसलिए, हमने लंबी दूरी की ट्रेनों के अंदर 15 दिनों का अभियान चलाने का आदेश दिया। पश्चिम रेलवे ने अपनी 60 से ज़्यादा ट्रेनों में पेंट्री कार और वेंडरों की जांच के लिए 20 सदस्यों की टीम बनाई है। इनमें राजधानी, वंदे भारत, शताब्दी और तेजस जैसी प्रमुख ट्रेनें भी शामिल हैं।

दोषी लाइसेंस धारकों के खिलाफ होगी कार्रवाई

पश्चिम रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सघन अभियान के दौरान टीम यात्रियों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और मात्रा, रेलनीर की उपलब्धता और पेंट्रीकार तथा ट्रेन साइड वेंडिंग में तैनात वेंडरों द्वारा प्रदान की जाने वाली अन्य अनिवार्य सेवाओं की जांच करती है। अधिकारी ने कहा कि 101 ट्रेनों की ऑनबोर्ड कैटरिंग सेवाओं की जांच की गई है और निष्कर्षों के आधार पर, दोषी लाइसेंस धारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। सफाई और स्वच्छता, उपकरणों के रखरखाव, अस्वीकृत पैकेज्ड पेयजल और अन्य पीएडी वस्तुओं की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के लिए सेवारत कर्मचारियों को परामर्श देने के लिए आगे की कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि पेंट्री कर्मचारियों को चलती ट्रेन में सुरक्षित कार्य करने के बारे में भी शिक्षित किया गया, विशेषकर आग लगने के खतरे तथा ऐसी स्थिति में किए जाने वाले उपायों के बारे में। कुल मिलाकर, रेलवे निरीक्षक ट्रेनों के अंदर और रेलवे स्टेशनों पर सेवा में कमियों के छह व्यापक क्षेत्रों की निगरानी कर रहे हैं और एक डेटा बैंक बना रहे हैं। इसमें ट्रेनों के अंदर मेनू कार्ड का अनिवार्य प्रदर्शन और कम से कम 150 मिलीलीटर की क्षमता वाले चाय के कप की उपलब्धता शामिल है।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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