कोलंबो पोर्ट पहुंचा नौसेना का एयरक्राफ्ट करियर INS Vikrant, इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में दिखाएगा अपनी बेजोड़ ताकत

Ins Vikrant arrives colombo port : भारतीय नौसेना का विमान वाहक पोत INS विक्रांत बुधवार को श्रीलंका के कोलंबो बंदरगाह पहुंचा। नौसेना का यह पोत श्रीलंका नौसेना के निमंत्रण पर पहुंचा है। यह भारतीय पोत इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू 2025 (IFR) में शामिल होगा। कोलंबो में रहने वाले प्रवासी भारतीय इस पोत को लेकर काफी उत्साहित दिखे। वे इसका स्वागत करने के लिए बड़ी संख्या में बंदरगाह पहुंचे। इस भारतीय पोत का स्वागत करने वालों में बच्चे भी थे।

Produced by: आलोक कुमार रावUpdated Nov 27 2025, 10:24 IST
भारतीय नौसेना में 2022 में कमीशन हुआ विक्रांतImage Credit : Twitter01 / 08

भारतीय नौसेना में 2022 में कमीशन हुआ विक्रांत

INS विक्रांत पूरी तरह से स्वदेशी एयरक्राफ्ट है। इसे 2022 में भारत के पहले पूरी तरह से स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर के तौर पर कमीशन किया गया। यह भारतीय नौसेना के शौर्य, पराक्रम और वीरता का परिचायक और उन्नत हथियारों की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है। (तस्वीर-X/@IN_R11Vikrant )

​दोनों नौसेनाओं के बीच बेहतर तालमेलImage Credit : Twitter02 / 08

​दोनों नौसेनाओं के बीच बेहतर तालमेल

यह दौरा भारत और श्रीलंका के बीच सद्भावना की लंबी परंपरा को जारी रखता है, जिससे आपसी विश्वास और सहयोग मजबूत होता है। भारत और श्रीलंका की नौसेना के बीच बेहतर तालमेल है और दोनों देशों की नौसेना एक साथ समय-समय पर युद्धाभ्यास करती आई हैं। (तस्वीर-X/@IN_R11Vikrant )

अपना फ्लीट रिव्यू कर रहा है श्रीलंकाImage Credit : Twitter03 / 08

अपना फ्लीट रिव्यू कर रहा है श्रीलंका

श्रीलंका नेवी अपनी 75वीं सालगिरह के जश्न के हिस्से के तौर पर अपना फ्लीट रिव्यू कर रही है और इसमें कई देशों के जहाज एक साथ आएंगे, जो कोलंबो की रीजनल मैरीटाइम डिप्लोमेसी में अपनी बढ़ती भूमिका को दिखाने की इच्छा को दिखाता है। (तस्वीर-X/@IN_R11Vikrant )

चीन की बेचैनी बढ़ाएगी मौजूदगीImage Credit : Twitter04 / 08

चीन की बेचैनी बढ़ाएगी मौजूदगी

INS विक्रांत का आना न केवल एक कूटनीतिक संकेत है, बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की बढ़ी हुई मैरीटाइम क्षमताओं का एक रणनीतिक प्रतीक भी है। खासतौर से इस बंदरगाह पर भारतीय एयरक्रॉफ्ट करियर की मौजूदगी चीन की बेचैनी बढ़ाने वाली है। (तस्वीर-X/@IN_R11Vikrant )

​स्वदेशी विमानवाहक पोत है विक्रांतImage Credit : Twitter05 / 08

​स्वदेशी विमानवाहक पोत है विक्रांत

विक्रांत स्वदेशी विमानवाहक पोत है, जिसे कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड ने डिजाइन और तैयार किया। करीब 45,000 टन वजनी इस विशाल पोत को अत्याधुनिक तकनीकों से लैस किया गया है, जिससे यह गहरे समुद्र में कई तरह के अभियानों को अंजाम देने में सक्षम है। (तस्वीर-X/@IN_WNC)

30 फाइटर जेट, हेलीकॉप्टर तैनात किए जा सकते हैंImage Credit : Twitter06 / 08

30 फाइटर जेट, हेलीकॉप्टर तैनात किए जा सकते हैं

विक्रांत की सबसे बड़ी शक्ति इसका विमान संचालन क्षमता है। इसमें लगभग 30 फाइटर जेट और हेलीकॉप्टर तैनात किए जा सकते हैं, जिनमें मिग-29K लड़ाकू विमान, एमएच-60R मल्टी-रोल हेलीकॉप्टर, कमोव -31 एयरबोर्न अर्ली वार्निंग हेलीकॉप्टर शामिल हैं। (तस्वीर-X/@IN_WNC)

​​उन्नत रडार, सेंसर और युद्ध प्रबंधन प्रणाली​Image Credit : Twitter07 / 08

​​उन्नत रडार, सेंसर और युद्ध प्रबंधन प्रणाली​

इस पोत में उन्नत रडार, सेंसर और युद्ध प्रबंधन प्रणाली लगी हैं, जो 360-डिग्री निगरानी, मल्टी-टार्गेट ट्रैकिंग और सटीक निर्णय क्षमता प्रदान करती हैं। इसके डेक पर बनी विशाल रनवे प्रणाली और हैंगर इसे तेज गति से विमान संचालन में दक्ष बनाते हैं। (तस्वीर-X/@IN_WNC)

52 किमी/घंटा तक की रफ्तारImage Credit : Twitter08 / 08

52 किमी/घंटा तक की रफ्तार

आईएनएस विक्रांत की गतिशीलता और सहनशक्ति भी इसे बेहद खास बनाती है। इसके चार गैस टर्बाइन इंजन इसे 28 नॉट (52 किमी/घंटा) तक की रफ्तार प्रदान करते हैं। यह बिना रीफ्यूलिंग के हजारों किलोमीटर की यात्रा कर सकता है, जिससे यह लम्बे समय तक समुद्री तैनाती में सक्षम रहता है। (तस्वीर-X/@IN_WNC)

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