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पेरिस ओलंपिक में भारतीय हॉकी का दिखा जादू, सद्गुरु ने की दिल खोलकर टीम की तारीफ

इस जीत के साथ ही भारत के लिए 336 मैच खेलने वाले महान गोलकीपर श्रीजेश ने भी अंतरराष्ट्रीय हॉकी को अलविदा कह दिया। भारतीय पुरुष हॉकी टीम का यह 13वां ओलंपिक पदक है और 50 साल बाद लगातार दो ओलंपिक में पदक जीते हैं।

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सद्गुरु ने दी हॉकी टीम को बधाई

Sadhguru Congratulates Indian Hockey Team: पेरिस ओलंपिक 2024 में भारतीय हॉकी का जादू एक बार फिर देशवासियों ने देखा। भारतीय हॉकी टीम ने लगातार दूसरे ओलंपिक में कांस्य पदक जीता है। हॉकी टीम ने टोक्यो की कहानी को पेरिस ओलंपिक में दोहराते हुए कप्तान हरमनप्रीत सिंह के दो गोल की मदद से स्पेन को 2- 1 से हराकर देश के लिए और अपने सुनहरे कैरियर पर विराम लगाने वाले पी आर श्रीजेश के लिये कांस्य पदक जीता। इसे लेकर हॉकी टीम को बधाइयां देने का दौर जारी है। सद्गुरु ने भी हॉकी टीम, कप्तान हरमनप्रीत सिंह और पी आर श्रीजेश की भूरि-भूरि प्रशंसा की।

सद्गुरू ने की दिल खोलकर तारीफ

सद्गुरू ने कहा, यह देखना अद्भुत है कि जादूगर ध्यानचंद से लेकर सरपंच साब हरमनप्रीत के समय तक, भारतीय हॉकी ने एक बार फिर ओलंपिक में अपनी छाप छोड़ी। श्रीजेश को उचित विदाई। राष्ट्र इस कांस्य को सोने के रूप में महत्व देता है। ढेर सारा प्यार और आशीर्वाद।

जज्बात पर काबू नहीं रख सके श्रीजेश

कांस्य पदक के लिए जीत के बाद श्रीजेश को कंधे पर बिठाकर मैदान का चक्कर लगाने वाले कप्तान हरमनप्रीत सिंह के साथ टीवी के सामने नजरें गड़ाए बैठे करोड़ों भारतीयों की भी आंखें नम हो गई। ओलंपिक पदक के साथ विदा लेने वाले श्रीजेश जीत के बाद गोलपोस्ट के ऊपर जाकर बैठे तो अपने जज्बात पर काबू नहीं रख सके। इस मैच में एक गोल से पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए भारत ने दूसरे और तीसरे क्वार्टर में गोल करके न सिर्फ जीत दर्ज की बल्कि पेरिस ओलंपिक में कल पहलवान विनेश फोगाट को फाइनल से पहले अयोग्य करार दिये जाने से देश भर में छाई मायूसी को दूर करने का प्रयास भी किया।

50 साल बाद लगातार दो ओलंपिक में पदक जीते

इस जीत के साथ ही भारत के लिए 336 मैच खेलने वाले महान गोलकीपर श्रीजेश ने भी अंतरराष्ट्रीय हॉकी को अलविदा कह दिया। भारतीय टीम के लिये हरमनप्रीत सिंह ने (30वें, 33वें मिनट) जबकि स्पेन के लिये मार्क मिरालेस (18वां मिनट) ने गोल दागे। आठ बार की चैंपियन भारतीय पुरुष हॉकी टीम का यह 13वां ओलंपिक पदक है और 50 साल बाद लगातार दो ओलंपिक में पदक जीते हैं। इससे पहले 1968 में मैक्सिको और 1972 में म्युनिख ओलंपिक में भारत ने कांस्य जीता था।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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