ICGS Akshay: भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) ने शनिवार को अपनी समुद्री सुरक्षा क्षमताओं को और मजबूत करते हुए नई पीढ़ी के फास्ट पेट्रोल वेसल आईसीजीएस अक्षय (ICGS Akshay) को आधिकारिक तौर पर सेवा में शामिल कर लिया। इस स्वदेशी जहाज का कमीशनिंग समारोह गोवा के वास्को स्थित गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (Goa Shipyard Limited) में आयोजित किया गया, जिसमें तटरक्षक बल के वरिष्ठ अधिकारी और सरकार के कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
क्या है अक्षय नाम का अर्थ?
गोवा शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा डिजाइन और निर्मित यह आधुनिक पोत केंद्र सरकार की 'आत्मनिर्भर भारत' और 'मेक इन इंडिया' पहल का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। यह जहाज समुद्री सुरक्षा, तटीय निगरानी, खोज एवं बचाव (Search and Rescue) अभियानों के साथ-साथ समुद्री कानून प्रवर्तन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। 'अक्षय' नाम का अर्थ है 'जिसका कभी क्षय न हो'। यह नाम भारतीय तटरक्षक बल के उस संकल्प का प्रतीक है, जिसके तहत देश के समुद्री हितों की रक्षा करने और भारतीय समुद्री सीमाओं को सुरक्षित, संरक्षित एवं स्वच्छ बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
किन कार्यों को अंजाम देगा आईसीजीएस अक्षय?
आधिकारिक बयान के अनुसार, आईसीजीएस अक्षय को कई महत्वपूर्ण समुद्री अभियानों के लिए तैयार किया गया है। यह अत्याधुनिक फास्ट पेट्रोल वेसल समुद्री कानूनों का पालन सुनिश्चित करने, तटीय सुरक्षा को मजबूत करने, खोज एवं बचाव (Search and Rescue) अभियान चलाने, समुद्री पर्यावरण संरक्षण तथा संकट में फंसे नाविकों और जहाजों की सहायता जैसे अहम कार्यों को अंजाम देगा। इस नए पोत की कमान कमांडेंट (जूनियर ग्रेड) दीपक चौबे के हाथों में होगी, जो इसके संचालन और विभिन्न मिशनों का नेतृत्व करेंगे।
समुद्री सुरक्षा को और मजबूती देना?
आधिकारिक बयान के मुताबिक, आईसीजीएस अक्षय को भारतीय तटरक्षक बल के बेड़े के आधुनिकीकरण कार्यक्रम के तहत शामिल किया गया है। इस पहल का उद्देश्य देश की लंबी समुद्री तटरेखा पर समुद्री सुरक्षा को और मजबूत करना, समुद्री क्षेत्र की निगरानी बढ़ाना तथा पर्यावरण संरक्षण से जुड़े अभियानों को अधिक प्रभावी बनाना है। कमीशनिंग समारोह में वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग की अतिरिक्त सचिव परमा सेन, भारतीय तटरक्षक बल (पश्चिम क्षेत्र) के कमांडर महानिरीक्षक भीष्म शर्मा, मानव संसाधन विकास (HRD) के उप महानिदेशक महानिरीक्षक ज्योतिंद्र सिंह, केंद्र और राज्य सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी तथा गोवा शिपयार्ड लिमिटेड के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
