लक्षद्वीप से कोच्चि तक आधी रात चलाए गए एक विशेष अभियान में भारतीय तटरक्षक बल ने 75 वर्षीय बुजुर्ग की जान बचाई। गंभीर रूप से बीमार मरीज को आपात स्थिति में अगत्ती द्वीप से कोच्चि एयरलिफ्ट किया गया, जहां उसे समय रहते उन्नत इलाज मिल सका।
हालत बिगड़ने पर की गई मेडिकल इवैक्यूएशन की मांग
तटरक्षक अधिकारियों के मुताबिक, बुजुर्ग को एक्यूट सबएक्यूट सबड्यूरल हेमेटोमा की शिकायत थी और वह ऑक्सीजन सपोर्ट पर था। शनिवार देर रात हालत बिगड़ने पर द्वीप प्रशासन ने तत्काल मेडिकल इवैक्यूएशन की मांग की। खास बात यह रही कि यह अनुरोध उस समय मिला, जब अगत्ती एयरफील्ड पर रनवे ऑपरेशन बंद हो चुका था।
रवाना किया गया डोर्नियर विमान
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारतीय तटरक्षक बल ने बिना देर किए अपना डिस्ट्रेस और ह्यूमैनिटेरियन असिस्टेंस एंड डिजास्टर रिलीफ (HADR) तंत्र सक्रिय किया। कोच्चि एयरपोर्ट स्थित आईसीजी एयर एन्क्लेव से रात करीब 10 बजे एक डोर्नियर विमान रवाना किया गया। विमान 11:20 बजे अगत्ती पहुंचा, जहां मरीज को उसकी पत्नी और मेडिकल सपोर्ट टीम के साथ तेजी से विमान में सवार कराया गया।
तटरक्षक बल ने बताया कि विमान महज 25 मिनट के भीतर दोबारा उड़ान भरकर रविवार तड़के करीब 1:10 बजे सुरक्षित रूप से कोच्चि पहुंच गया। इसके बाद मरीज को तुरंत कोच्चि के अमृता अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
मरीज को तीन घंटे में पहुंचाया गया अस्पताल
अधिकारियों के अनुसार, अनुरोध मिलने से लेकर मरीज को अस्पताल पहुंचाने तक पूरा ऑपरेशन तीन घंटे के भीतर पूरा कर लिया गया। घने अंधेरे, बंद रनवे और सीमित समय जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद तटरक्षक बल के पायलटों ने असाधारण कौशल और सूझबूझ का परिचय दिया।
भारतीय तटरक्षक बल ने कहा कि अगत्ती रनवे पर रात के समय लैंडिंग के लिए तय मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOP) ने ऐसे अभियानों को संभव बनाया है। यह इस साल डोर्नियर विमान के जरिए किया गया तटरक्षक बल का सातवां सफल मेडिकल इवैक्यूएशन ऑपरेशन है।
