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भारतीय सेना का सिक्किम में राहत अभियान जारी, फंसे पर्यटकों को पैदल और वाहन से किया जा रहा रेस्क्यू

सिक्किम में पिछले हफ्ते आई भारी बारिश और भूस्खलन की वजह से सड़क मार्ग टूट जाने के बाद हजारों पर्यटक जगह-जगह फंस गए। जिन्हें निकालने के लिए प्रशासन ने सेना का सहारा लिया। वहीं पीआरओ रक्षा गुवाहाटी ने बताया कि भारतीय सेना की त्रिशक्ति कोर ने उत्तरी सिक्किम में राहत अभियान जारी रखा है।

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भारतीय सेना की त्रिशक्ति कोर का उत्तरी सिक्किम में राहत अभियान जारी

Photo : ANI

Indian Army Relief Operations: भारतीय सेना की त्रिशक्ति कोर के जवानों ने नागरिक प्रशासन के साथ मिलकर उत्तरी सिक्किम में फंसे पर्यटकों को बचाने का काम शुरू कर दिया है। सेना ने बुधवार को यह जानकारी दी। सेना के एक बयान के अनुसार, 12-13 जून के बीच उत्तरी सिक्किम में फंसे 1200 से अधिक पर्यटकों को निकालने का काम 17 जून को शुरू हुआ। बड़ी संख्या में भूस्खलन के कारण, पर्यटकों को पैदल और वाहनों से उन जगहों पर ले जाया जा रहा है जहां कनेक्टिविटी मौजूद है। चुनौतीपूर्ण मौसम और भूभाग की परिस्थितियों में काम करते हुए, भारतीय सेना के सिग्नलर्स ने 18 जून, 2024 को बीएसएनएल और एयरटेल को मोबाइल कनेक्टिविटी बहाल करने में मदद की।

राहत और बचाव कार्य जारी

बयान में कहा गया है कि 12 जून से भारतीय सेना ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों को उनके रिश्तेदारों से संपर्क करने में सुविधा प्रदान करने के लिए आधा दर्जन से अधिक टेलीफोन बूथ स्थापित किए हैं। बयान में आगे कहा गया है कि चिकित्सा टीमों ने चिकित्सा सहायता बूथ स्थापित किए हैं और जरूरतमंद निवासियों और पर्यटकों को चिकित्सा सेवा प्रदान कर रहे हैं। बयान में कहा गया है कि अब तक 115 से अधिक लोगों को चिकित्सा सहायता प्रदान की गई है, जिसमें हाई एल्टीट्यूड पल्मोनरी एडिमा और एक्यूट रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम से पीड़ित लाचुंग के 24 वर्षीय व्यक्ति की जीवनरक्षक आपातकालीन संकट कॉल भी शामिल है। बयान में कहा गया है कि सभी जरूरतमंद लोगों को इस महत्वपूर्ण समय में खुद को बनाए रखने के लिए राशन और अन्य रसद सहायता की बुनियादी आवश्यकताएं प्रदान की गई हैं।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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