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इंडियन एयरफोर्स 50-100 नहीं इतने सारे सुपर राफेल से हिला देगी दुश्मन की धरती! जानें- इन नए फाइटर जेट्स के बारे में

IAF New Fighter Jets: 114 जेट्स के लिए बात चल रही है। अगर मंजूरी मिल जाती है, तो लोकल लाइसेंस पर बने राफेल में 60% तक स्वदेशी पार्ट्स होंगे, जिसमें M88 इंजन भी शामिल है, जिसे सफ्रान के सहयोग से लोकल स्तर पर बनाया जाएगा। फ्रांसीसी इंजन बनाने वाली कंपनी हैदराबाद में M88 पावर पैक के लिए एक MRO (मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल) सुविधा भी स्थापित कर रही है, जिसके 2026 के आखिर तक चालू होने की उम्मीद है, जो 2029-30 तक डिलीवरी पूरी होने के बाद IAF और भारतीय नौसेना दोनों के राफेल बेड़े को सेवा देगी।

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इंडियन एयरफोर्स 50-100 नहीं 114 नए राफेल खरीदेगी

Indian Air Force: अमेरिका के पास बेशक दुनिया का सबसे बेहतरीन फाइटर जेट F-35 है। रूस के पास भी गजब की शक्ति वाला SU-57 है। दोनों की महाशक्ति भारत की एयरफोर्स को अपना जेट भेजना चाहती हैं, लेकिन लगता है कि इंडियन एयरफोर्स (IAF) ने अपना अलग मन बना लिया है। ऐसा बताया जा रहा है कि भारत और फ्रांस IAF की युद्धक क्षमता में जरूरी कमियों को पूरा करने के लिए अतिरिक्त राफेल फाइटर जेट्स के लिए एक बड़े सरकारी डील को फाइनल करने के करीब पहुंच रहे हैं।

अगले महीने इमैनुएल मैक्रों के भारत दौरे से पहले बातचीत तेज हो गई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जल्द ही एक समझौता हो सकता है। दरअसल, भारतीय वायु सेना ने आधुनिक मल्टीरोल फाइटर जेट्स की तत्काल जरूरत बताई है, क्योंकि पुराने विमानों के रिटायर होने से स्क्वाड्रन की ताकत लगातार कम हो रही है।

राफेल विस्तार क्यों जरूरी है? 50-100 नहीं 114 की जरूरत

IAF एक साथ कई पड़ोसी दुश्मन देशों से खतरे की चुनौती का सामना करती है और फोर्स लेवल को स्थिर रखने के लिए लगभग 114 नए लड़ाकू विमानों की न्यूनतम जरूरत बताई है। 2016 की डील से पहले से ही 36 राफेल सर्विस में हैं, ऐसे में और विमान शामिल करने से तुरंत ऑपरेशनल राहत मिलेगी, जबकि लंबे समय के स्वदेशी प्रोग्राम पूरे होंगे।

राफेल अपनी वर्सेटिलिटी के लिए जाने जाते हैं, सटीक स्ट्राइक, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर, और बियॉन्ड-विजुअल-रेंज कॉम्बैट। साथ ही एस्ट्रा मिसाइल जैसे भारतीय हथियारों का इसमें आसानी से इंटीग्रेशन हो जाता है।

साथ ही अमेरिकी डिफेंस मैगजीन 19fortyfive की रिपोर्ट कहती है कि डसॉल्ट एविएशन कंपनी बढ़ती एक्सपोर्ट डिमांड को पूरा करने के लिए फ्रांस में एक नए प्लांट और भारत में टाटा के साथ पार्टनरशिप की मदद से सालाना प्रोडक्शन बढ़ाकर 60 एयरक्राफ्ट करने की योजना बना रही है।

पिछले राफेल से कितना अलग सुपर राफेल

भविष्य के मॉडल, जिन्हें 'सुपर राफेल' कहा जा रहा है, उनमें पावरफुल सफ्रान M88 T-REX इंजन होगा जिसमें 20% ज्यादा थ्रस्ट होगा और एडवांस्ड थेल्स एवियोनिक्स होंगे, जिससे यह जेट स्टील्थ क्षमताओं की कमी के बावजूद कॉम्पिटिटिव बना रहेगा।

डसॉल्ट राफेल F5 'सुपर राफेल' एक टॉप-टियर 'ओमनीरोल' फाइटर के तौर पर अपनी जगह पक्की कर रहा है। नए M88 T-REX इंजन के साथ F5 स्टील्थ एयरक्राफ्ट के मेंटेनेंस खर्च के बिना जानलेवा 4.5-जेनरेशन क्षमता देता है।

डसॉल्ट राफेल एक ट्विन-जेट फाइटर एयरक्राफ्ट है जो एयरक्राफ्ट कैरियर से समुद्री फाइटर के तौर पर और जमीन पर आधारित फाइटर के तौर पर काम कर सकता है।

एयर फोर्स राफेल की तरफ वापस क्यों लौट रही?

अपने फाइटर स्क्वाड्रन की लगातार कम होती संख्या को रोकने के लिए, भारतीय वायु सेना लंबे समय से अटके मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट (MRFA) प्रोग्राम के तहत 114 डसॉल्ट राफेल जेट खरीदने पर विचार कर रही है।

लगभग 11 साल पहले, 2015 के मध्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली सरकार ने राजनीतिक कारणों से मीडियम मल्टी-रोल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (MMRCA) टेंडर के जरिए 126 राफेल खरीदने और बनाने के टेंडर को खत्म कर दिया था। ऐसा इसलिए क्योंकि इसे पिछली कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार से मिली एक महंगी डील माना गया था।

इसकी जगह, बीजेपी सरकार ने सितंबर 2016 में इमरजेंसी के तौर पर एयर फोर्स के लिए 36 राफेल विमानों की संख्या कम करके खरीदने का फैसला किया, जिसकी कीमत 58,000 करोड़ रुपये (उस समय लगभग 7.87 बिलियन यूरो या 8.8 बिलियन अमेरिकी डॉलर) थी।

हालांकि, अब दोबारा 114 जेट्स के लिए बात चल रही है। अगर मंजूरी मिल जाती है, तो लोकल लाइसेंस पर बने राफेल में 60% तक स्वदेशी पार्ट्स होंगे, जिसमें M88 इंजन भी शामिल है, जिसे सफ्रान के सहयोग से लोकल स्तर पर बनाया जाएगा। फ्रांसीसी इंजन बनाने वाली कंपनी हैदराबाद में M88 पावर पैक के लिए एक MRO (मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल) सुविधा भी स्थापित कर रही है, जिसके 2026 के आखिर तक चालू होने की उम्मीद है, जो 2029-30 तक डिलीवरी पूरी होने के बाद IAF और भारतीय नौसेना दोनों के राफेल बेड़े को सेवा देगी।

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 Nitin Arora
Nitin Arora author

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदे... और देखें

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