Top arms importer countries: स्वदेशी अभियान 'मेक इन इंडिया' के तहत रक्षा क्षेत्र में बड़ी संख्या में हथियारों का निर्माण करने वाला भारत अभी भी हथियार खरीदने वाला दुनिया का सबसे बड़ा देश बना हुआ है। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की सोमवार को आई रिपोर्ट में यह बात कही गई है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि 2018-2022 तक कुल आयातिक वैश्विक हथियार में भारत का हिस्सा 11 फीसदी है। रिपोर्ट कहती है कि भारत को हथियारों की आपूर्ति करने में रूस अभी भी शीर्ष पर बना हुआ है।
रूस ने भारत को बेचे सबसे ज्यादा हथियार
2018 से 2022 के दौरान भारत ने जितने भी हथियार खरीदे उसमें रूसी हथियारों की हिस्सेदारी 45 प्रतिशत है। हालांकि, रूस से हथियार खरीदने में कमी आई है। साल 2013 से 2017 के दौरान कुल आयातित वैश्विक हथियार में भारत की हिस्सेदारी 12 प्रतिशत थी जो घटकर अब 11 प्रतिशत हुई है। 2018 से 2022 तक हथियार खरीदने वाले शीर्ष पांच देश भारत (11%), सऊदी अरब (9.6%), कतर (6.4%), ऑस्ट्रेलिया (4.7%) और चीन (4.6%) हैं।
फ्रांस ने अमेरिका को पीछे छोड़ा
रिपोर्ट के मुताबिक, पांच सबसे बड़े हथियार निर्यातकों में अमेरिका, रूस, फ्रांस, चीन और जर्मनी शामिल हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2018-22 के दौरान दुनिया के आठवें सबसे बड़े हथियार आयातक पाकिस्तान द्वारा आयात में 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिसमें चीन इसका मुख्य आपूर्तिकर्ता रहा। रूस के बाद भारत को हथियारों की आपूर्ति करने वाला फ्रांस दूसरा सबसे बड़ा देश है। आपूर्ति के मामले में इसने अमेरिका को पीछे छोड़ा है। अमेरिका को पछाड़ने में भारत के साथ राफेल डील प्रमुख वजह रही है।
पाकिस्तान के 77 फीसदी हथियार चीन से आए
वैश्विक हथियार खरीदने में मिस्र की हिस्सेदारी (4.5%), दक्षिण कोरिया की (3.7%) और पाकिस्तान की हिस्सेदारी (3.7%) रही है। जबकि शीर्ष 10 हथियार निर्यातक देश अमेरिका (40%), रूस (16%), फ्रांस (11%), चीन (5.2%), जर्मनी (4.2%), इटली (3.8%), ब्रिटेन (3.2%), स्पेन (2.6%), दक्षिण कोरिया (2.4%) और इजरायल (2.3%) हैं। पाकिस्तान को हथियारों की आपूर्ति करने वाला सबसे बड़ा देश चीन है। पाकिस्तान के 77 फीसदी हथियार बीजिंग से आए हैं।
रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के लिए भारत ने उठाए कदम
दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी सेना रखने वाला भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। भारत इन दिनों अपने हथियारों का निर्यात कई देशों में कर रहा है। बावजूद इसके वह हथियारों का सबसे बड़ा आयातक देश बना हुआ है। मोदी सरकार ने रक्षा क्षेत्र में निजी कंपनियों के लिए अवसर मुहैया कराए हैं एवं रक्षा एफडीआई की नीतियों में सुधार किया गया है।
