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चीन को पीछे छोड़ विश्व का सबसे ज्यादा जनसंख्या वाला देश बन गया भारत

  • Authored by: ललित रायEdited by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Apr 19, 2023, 03:44 PM IST

India Population 2023: स्कैंडिनेवियन देशों में जनसंख्या की दर नकारात्मक है वहीं भारत की आबादी में कमी तो आई है। लेकिन जिस दर से कमी होनी चाहिए उस लक्ष्य को देश हासिल नहीं कर सका है।यूएनएफपीए के अनुमान के मुताबिक इसी वर्ष भारत की आबादी चीन से अधिक हो जाएगी।

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जून-जुलाई तक भारत की आबादी चीन से अधिक होगी

KEY HIGHLIGHTS
  • जून-जुलाई के बीच भारत की आबादी चीन से 30 लाख अधिक होगी।
  • UNPF के अनुमान के मुताबिक भारत की आबादी 1.4286 बिलियन जबकि चीन की आबादी 1.4257 होगी।
  • चीन की आबादी में 2022 में बड़ी गिरावट।

India Population 2023: चीन को पीछे छोड़ते हुए भारत विश्व का सबसे ज्यादा जनसंख्या वाला देश बन गया है। यह जानकारी बुधवार (19 अप्रैल, 2023) को संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के आंकड़ों के जरिए सामने आई। वैसे, ताजा डेटा के सामने आने के पहले तक इंडिया आबादी के मामले में चीन के बाद दुनिया में सबसे बड़ा देश था, जबकि यूएनएफपीए के आंकड़ों के आधार पर आसार जताए गए थे कि 2023 के मध्य यानी जून-जुलाई तक चीन से आगे निकल सकता है।

यूएन के विश्व जनसंख्या ‘डैशबोर्ड’ (मंच) के अनुसार, इंडिया की आबादी बढ़कर 142.86 करोड़ हो गई है और चीन की आबादी 142.57 करोड़ है। इस बीच, संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (यूएनएफपीए) की नई रिपोर्ट में जानकारी दी गई कि भारत की 25%त जनसंख्या 0-14 (वर्ष) आयु वर्ग की, 18 प्रतिशत 10 से 19 आयु वर्ग, 26 प्रतिशत 10 से 24 आयु वर्ग, 68 प्रतिशत 15 से 64 आयु वर्ग की और सात प्रतिशत आबादी 65 वर्ष से अधिक आयु की है।

विभिन्न एजेंसियों के अनुमानों के अनुसार, भारत की आबादी करीब तीन दशकों तक बढ़ते रहने की उम्मीद है। यह 165 करोड़ पर पहुंचने के बाद ही घटना शुरू होगी। इस बीच, एक्सपर्ट्स ने बताया कि भारत की जनसांख्यिकी एक राज्य से दूसरे राज्य में भिन्न है। केरल और पंजाब में बुजुर्ग आबादी अधिक है, जबकि बिहार और उत्तर प्रदेश में युवा आबादी अधिक है।

यूएनएफपीए की भारत की प्रतिनिधि और भूटान की ‘कंट्री डायरेक्ट’ एंड्रिया वोज्नार ने कहा, ‘‘ भारत के 1.4 अरब लोगों को 1.4 अरब अवसरों के रूप में देखा जाना चाहिए। देश की सबसे अधिक 25.4 करोड़ आबादी युवा (15 से 24 वर्ष के आयुवर्ग) है... यह नवाचार, नई सोच और स्थायी समाधान का स्रोत हो सकती है।’’

वैसे, दुनिया की आबादी में भारत और चीन का अकेले एक तिहाई योगदान है, लेकिन दोनों मुल्कों की जनसंख्या में गिरावट दर्ज की जा रही है और यह रफ्तार भारत के मुकाबले चीन में अधिक है। पिछले साल यानी 2022 में चीन की आबादी में गिरावट दर्ज की गई जो पिछले छह दशकों में पहली बार संभव हुआ। (पीटीआई भाषा इनपुट्स के साथ)

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ललित राय
ललित राय author

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