India Pakistan Tension: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को कहा कि भारत कभी ‘परमाणु ब्लैकमेल’ के आगे नहीं झुकेगा। जयशंकर ने वडोदरा में पारुल विश्वविद्यालय के विदेशी विद्यार्थियों के दीक्षांत समारोह में कहा कि यह जरूरी है कि जो लोग ‘आतंकवाद’ को प्रायोजित, पोषित और इसका इस्तेमाल करते हैं, उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी पड़े।
जयशंकर ने क्या कुछ कहा?
मंत्री ने कहा कि भारत कभी भी किसी भी तरह के ‘परमाणु ब्लैकमेल’ के आगे नहीं झुकेगा। उनकी टिप्पणी पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के मद्देनजर आई है।
जयशंकर ने यह भी कहा कि भारत एक दुर्लभ सभ्यता वाला देश है, जो विश्व बिरादरी में अपना उचित स्थान फिर से प्राप्त कर रहा है। विदेश मंत्री ने कहा कि कुछ वर्गों में अन्य देशों के साथ ‘खुलेआम आदान-प्रदान’ करना एक चलन बन गया है। उन्होंने कहा कि भारत विश्वास के आधार पर साझेदारी बनाने में भरोसा रखता है।
'भारत अब एटम बम की गीदड़भभकी से नहीं डरेगा'
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पाकिस्तान को चेता दिया था कि भारत अब एटम बम की गीदड़भभकी से नहीं डरेगा। कानपुर में एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान गिड़गिड़ाने वाला दुश्मन किसी धोखे में न रहें, ऑपरेशन सिंदूर अभी समाप्त नहीं हुआ है। भारत ने आतंक के खिलाफ अपनी लड़ाई में तीन सूत्र तय किए हैं। पहला- भारत हर आतंकी हमले का करारा जवाब देगा। उसका समय, तरीका और शर्तें हमारी सेनाएं तय करेंगी। दूसरा- भारत अब एटम बम की गीदड़भभकी से नहीं डरेगा और ना ही उसके आधार पर कोई फैसला लेगा और तीसरा- आतंक के आका और आतंकी सरपरस्त सरकार को भारत एक ही नजर से देखेगा।
