Crime News: बिहार के समस्तीपुर जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक बेटे ने 'दृश्यम' फिल्म से प्रेरित होकर अपने ही पिता की हत्या की खौफनाक साजिश रची। सूरत से करीब 2000 किलोमीटर दूर बिहार आकर उसने वारदात को अंजाम दिया और वापस सूरत लौट गया। हालांकि, पुलिस की नजरों से बचने के लिए बनाई गई उसकी डिजिटल चकमा देने की रणनीति एक छोटी सी गलती के कारण नाकाम हो गई।
पारिवारिक विवाद बना हत्या का कारण
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, समस्तीपुर जिले के हलई थाना क्षेत्र के हलई/दरवा गांव के निवासी रघुवीर सहनी (50 वर्ष) और उनके 26 वर्षीय बेटे शिवशंकर सहनी के बीच अक्सर पारिवारिक विवाद और जमीन बेचने को लेकर झगड़ा होता रहता था। सूरत में रहकर काम करने वाले शिवशंकर ने हाल ही में सिनेमाघर में 'दृश्यम' फिल्म देखी। फिल्म से प्रभावित होकर उसने पुलिस को डिजिटल लोकेशन और टाइमलाइन के मामले में गुमराह करने की साजिश तैयार की।
2000 KM का गुप्त सफर
शिवशंकर ने सूरत में ही अपना मोबाइल फोन पूरी तरह बंद (स्विच ऑफ) कर दिया ताकि उसकी डिजिटल लोकेशन सूरत ही लगे। वह ट्रेन से पटना और फिर हाजीपुर पहुंचा। इसके बाद पटोरी स्टेशन उतरा और ऑटो/टोटो लेकर गांव के करीब पहुंचा। पकड़े जाने के डर से उसने मुख्य सड़क की जगह खेतों के रास्ते 4 किलोमीटर पैदल चलकर आधी रात को अपने घर में पीछे के दरवाजे से प्रवेश किया।
कुल्हाड़ी से वार कर हत्या
26 जुलाई की रात उसने घर के बाहर सो रहे अपने पिता रघुवीर सहनी पर घर में रखी कुल्हाड़ी से कई वार किए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद वह कुल्हाड़ी वहीं छोड़कर वापस स्टेशन की ओर भाग गया।
पत्नी को किया एक फोन, पकड़ा गया
हत्या को अंजाम देकर लौटते समय शिवशंकर ने पटोरी स्टेशन पर थोड़ी देर के लिए अपना फोन ऑन किया और अपनी पत्नी को कॉल किया। बात करने के बाद उसने फोन फिर स्विच ऑफ कर दिया। लिस जब मामले की जांच कर रही थी, तब उन्हें इस संक्षिप्त कॉल डिटेल और पटोरी क्षेत्र के मोबाइल टावर लोकेशन का पता चला।
पिता के दाह संस्कार में न आना
पिता की मौत के बाद भी शिवशंकर का सूरत से गांव न आना और अंतिम संस्कार में शामिल न होना पुलिस के शक को और गहरा कर गया। DSP बी.के. मेधावी के नेतृत्व में पटोरी पुलिस ने मिले सुरागों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया और टीम भेजकर शिवशंकर को सूरत से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में शिवशंकर ने कबूल किया कि उसने पुलिस की ट्रैकिंग से बचने के लिए फिल्म देखकर यह पूरी योजना बनाई थी, लेकिन एक फोन कॉल ने उसकी चालाकी का भंडाफोड़ कर दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
