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Brain Stroke देश में दूसरा सबसे 'बड़ा किलर': आगाह कर बोलीं एक्सपर्ट- हर चार मिनट में लील लेता है एक जान

  • Produced by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Mar 9, 2023, 07:13 PM IST

Brain Stroke second most common cause of death in India: एम्स अस्पताल में न्यूरोलॉजी की प्रोफेसर डॉ.एमवी पद्मा श्रीवास्तव ने अपने संबोधन के दौरान ग्लोबल बर्डन ऑफ डिसीजेज़ (जीबीडी) का हवाला भी दिया और कहा- देश में स्ट्रोक की सबसे अधिक घटनाएं दर्ज की गईं।

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तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फाइल)

Photo : iStock

Brain Stroke second most common cause of death in India: ब्रेन स्ट्रोक भारत में मौत का दूसरा सबसे आम कारण है। हर चार मिनट में इसकी वजह से एक मरीज की मौत हो जाती है। यह दावा गुरुवार (नौ मार्च, 2023) को टॉप हेल्थ एक्सपर्ट और जानी-मानी न्यूरोलॉजिस्ट डॉ.एमवी पद्मा श्रीवास्तव (मौजूदा समय में एम्स में न्यूरोलॉजी की प्रोफेसर) ने किया है। दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में हुए "स्ट्रोक केयर एंड इट्स प्राइमरी प्रिवेंटिव मेथड्स इन पुअर रिसोर्स सेटिंग्स इन इंडिया" नाम के कार्यक्रम में उन्होंने कहा- स्ट्रोक अपने देश में मौत का दूसरा सबसे सामान्य कारण है। हर साल भारत में करीब एक लाख 85 हजार स्ट्रोक के केस आते हैं, जिनमें हर 40 सेकेंड पर एक स्ट्रोक आता है और हर चार मिनट में स्ट्रोक से एक जान चली जाती है।

उनके मुताबिक, "स्ट्रोक का अधिकतर बोझ भारत पर है। ऐसा इसलिए, क्योंकि हिंदुस्तान में इसकी दर 68.6 फीसदी है। 70.9 प्रतिशत स्ट्रोक से मौतें हुईं और 77.7 फीसदी डिसएबिलिटी एडजस्टेड लाइफ इयर्स (DALYs) गए। ये आंकड़े भारत में चौकाने वाले और आगाह करने वाले हैं, क्योंकि अधिकतर लोग अभी भी ऐसी व्यवस्था के तहत हैं, जहां पर अच्छे संसाधन (स्वास्थ्य संबंधी) नहीं है।"

वह आगे बोलीं- जीबीडी 2010 स्ट्रोक प्रोजेक्ट से जो और हैरान करने वाली बात सामने, वह यह है कि 5.2 मिलियन (31 फीसदी) स्ट्रोक 20 साल से कम के बच्चे में देखने को मिले थे। ऐसी स्थिति के बाद भी भारत के कई सारे अस्पतालों में जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं है, जो इन परिस्थितियों से समय रहते निपट सके। वैसे, उन्होंने इस तरह के मामले की रोकथाम के लिए सुझाव देते हुए कहा कि भारत में जहां पर खराब स्वास्थ्य संबंधी ढांचा है, वहां पर टेलीस्ट्रोक मॉडल अपनाया जाना चाहिए।

अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

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