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'पाक सेना ने फोन किया और...', UN में भारत ने खोल दी PAK की पोल, दुनिया को बताई 'ऑपरेशन सिंदूर' की पूरी सच्चाई

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत ने पाकिस्तान पर आतंकवाद को राज्य नीति के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वतनेनी हरीश ने ऑपरेशन सिंदूर, जम्मू-कश्मीर और सिंधु जल संधि पर पाकिस्तान के दावों को खारिज करते हुए कहा कि आतंकवाद को कभी भी सामान्य नहीं बनाया जा सकता।

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संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर की पूरी सच्चाई बताई।(फोटो सोर्स: ANI)

Photo : ANI

India Attacks Pakistan In UN: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत ने एक बार पाकिस्तान की पोल खोल दी है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि परवथनेनी हरीश ने सुरक्षा परिषद में पाकिस्तान के झूठे दावों पर पलटवार करते हुए उसे 'आतंकवाद का वैश्विक केंद्र' करार दिया है। उन्होंने कहा कि मई 2025 में हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारतीय सेना के पराक्रम के आगे पाकिस्तानी सेना ने 10 मई को फोन कर लड़ाई रोकने की गुहार लगाई थी।

हरीश ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा स्टेट पॉलिसी के रूप में आतंकवाद का लगातार इस्तेमाल करने की वजह से भारत ने 'सिंधु जल संधि' को निलंबित रखने का फैसला किया। भारत ने दो टूक कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा था है और रहेगा। इसके साथ ही उन्होंने पाकिस्तान में 27वें संशोधन के जरिए हुए संवैधानिक तख्तापलट और सेना प्रमुख को आजीवन प्रतिरक्षा देने पर भी गंभीर सवाल उठाए। भारत ने दो टूक कहा कि जब तक सीमा पार आतंकवाद पूरी तरह खत्म नहीं होता, तब तक पाकिस्तान के साथ सामान्य संबंध मुमकिन नहीं हैं।

भारत ने दी ऑपरेशन सिंदूर की पारी जानकारी

हरीश ने सैन्य कार्रवाई 'ऑपरेशन सिंदूर' की सारी डिटेल दुनिया के सामने दी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने मई में हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर एक भ्रामक और आत्म-हितैषी कहानी गढ़ने की कोशिश की है, जबकि वास्तविकता इसके ठीक उलट है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि 9 मई तक पाकिस्तान भारत पर और हमलों की धमकियां दे रहा था, लेकिन 10 मई को हालात बदल गए, जब पाकिस्तानी सेना ने खुद भारतीय सेना से संपर्क कर संघर्षविराम की अपील की।

पाकिस्तान के कई एयरबेस का हुआ नुकसान

भारत के प्रतिनिधि ने कहा कि भारतीय सैन्य कार्रवाई में पाकिस्तान के कई एयरबेस को भारी नुकसान हुआ, जिसमें रनवे के नष्ट होने और हैंगर जलने के प्रमाण सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं। उन्होंने पाकिस्तान द्वारा गढ़े जा रहे “न्यू नॉर्मल” के नैरेटिव को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि आतंकवाद को कभी भी सामान्य व्यवहार के रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

UNSC को आतंकवाद वैध करने का मंच नहीं बनने देंगे: भारत

हरीश ने दो टूक शब्दों में कहा कि संयुक्त राष्ट्र का यह प्रतिष्ठित मंच पाकिस्तान को आतंकवाद को वैध ठहराने का अवसर नहीं दे सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान दशकों से सीमा पार आतंकवाद को राज्य नीति के औज़ार के रूप में इस्तेमाल करता आ रहा है, जिसे अंतरराष्ट्रीय समुदाय को स्पष्ट रूप से पहचानना चाहिए।

जम्मू-कश्मीर पर भारत की दो-टूक

जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर भारत ने एक बार फिर अपना रुख दोहराते हुए कहा कि पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है। हरीश ने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा था, है और रहेगा, और इस सच्चाई पर कोई सवाल नहीं उठाया जा सकता।

सिंधु जल संधि पर भारत ने क्या कहा?

सिंधु जल संधि का जिक्र करते हुए भारत के प्रतिनिधि ने कहा कि भारत ने 65 वर्ष पहले यह संधि सद्भावना और मित्रता की भावना से की थी, लेकिन पाकिस्तान ने
  • तीन युद्ध छेड़कर, जारों आतंकी हमलों को प्रायोजित कर और हजारों भारतीय नागरिकों की जान लेकर इस संधि की भावना को बार-बार कुचला। उन्होंने कहा कि भारत को मजबूर होकर यह फैसला लेना पड़ा कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद को समर्थन देना पूरी तरह और स्थायी रूप से समाप्त नहीं करता, तब तक संधि को स्थगन में रखा जाएगा।
  • पाकिस्तान को अपने लोकतंत्र पर आत्ममंथन की सलाह

    आखिर में हरीश ने पाकिस्तान को कानून के शासन और लोकतांत्रिक मूल्यों पर आत्ममंथन की सलाह दी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को यह सवाल पूछना चाहिए कि

    कैसे उसकी सशस्त्र सेनाओं ने 27वें संवैधानिक संशोधन के जरिए लोकतांत्रिक ढांचे को कमजोर किया और अपने सैन्य नेतृत्व को आजीवन कानूनी छूट प्रदान की।

    Piyush Kumar
    पीयूष कुमारauthor

    पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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