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अब 'पानी-पानी' करेगा पाकिस्तान, भारत ने कर दिया बड़ा गेम; पड़ोसी मुल्क को भेजा नोटिस

India Notice to Pakistan over Indus Water Treaty: भारत सरकार की ओर से पाकिस्तान को भेजे गए नोटिस में कहा गया है कि मौजूदा परिस्थितियों में सिंधु जल संधि को बरकरार रखना संभव नहीं है। ऐसे में इस संधि में बदलाव की आवश्यकता है। भारत ने पाकिस्तान से जी टू जी वार्ता शुरू करने को कहा है।

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भारत ने पाकिस्तान को भेजा नोटिस।

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India Notice to Pakistan over Indus Water Treaty: भारत सरकार ने पाकिस्तान से सिंधु जल संधि में बदलाव की मांग की है। इस बाबत भारत की ओर से पाकिस्तान को एक नोटिस भी भेजा गया है। इसमें कहा गया है कि मौजूदा परिस्थितियों में सिंधु जल संधि को बरकरार रखना संभव नहीं है। ऐसे में इस संधि में बदलाव की आवश्यकता है।

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, भारत ने सिंधु जल संधि की समीक्षा और संशोधन की मांग करते हुए पाकिस्तान को औपचारिक नोटिस भेजा है। भारत का यह नोटिस उन परिस्थितियों में मूलभूत बदलावों को उजागर करता है, जिनके लिए संधि की समीक्षा की आवश्यकता है। सूत्रों ने बताया, भारत ने सिंधु जल संधि (IWT) के अनुच्छेद XII(3) के तहत संधि की समीक्षा और संशोधन की मांग करते हुए 30 अगस्त 2024 को पाकिस्तान को एक औपचारिक नोटिस भेजा था। इस नोटिस में सिंधु जल संधि की परिस्थितियों में मौलिक और अप्रत्याशित परिवर्तनों को उजागर किया गया है, जिसके लिए संधि के विभिन्न अनुच्छेदों के तहत दायित्वों का पुनर्मूल्यांकन करने की आवश्यकता है।

पाकिस्तान के साथ बातचीत शुरू करेगा भारत

आधिकारिक सूत्रों ने बताया, भारत की ओर से पाकिस्तान को दिए गए नोटिस में अनुच्छेद XII(3) के प्रावधानों के तहत सिंधु जल संधि की समीक्षा करने के लिए पाकिस्तान को जी2जी वार्ता शुरू करने के लिए कहा गया है। इसमें कहा गया है कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए सिंधु जल संधि को बरकरार रखना संभव नहीं है। इसलिए इस संधि में बदलाव करने की आवश्यकता है। भारत ने कहा है कि सिंधु नदी के पानी के उपयोग और जनसांख्यिकी में लगातार बदलाव हो रहा है और भारत स्वच्छ ऊर्जा की ओर अग्रसर है। ऐसे में इस संधि में बदलाव पर विचार होना चाहिए।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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