भारत के पहले सहकारिता-आधारित राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म 'भारत टैक्सी' का शुभारंभ 5 फरवरी यानी गुरुवार को होने जा रहा है। यह शुभारंभ सहकारिता क्षेत्र को सुदृढ़ करने और समावेशी, नागरिक-केंद्रित मोबिलिटी समाधानों को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार के निरंतर प्रयासों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 5 फरवरी को नई दिल्ली से इसको हरी झंडी दिखाएंगे। भारत टैक्सी को मोबिलिटी क्षेत्र में एक परिवर्तनकारी पहल के रूप में परिकल्पित (Hypothesized) किया गया है, जिसमें ड्राइवरों को स्वामित्व, संचालन और मूल्य-निर्माण के केंद्र में रखा गया है।
ड्राइवर ही मालिक के मूल सिद्धांत को और अधिक मजबूती मिलेगी। प्रत्येक सम्मानित सारथी को 5 लाख रुपए का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा तथा 5 लाख रुपये का पारिवारिक स्वास्थ्य बीमा प्रदान किया जाएगा, जो ड्राइवर कल्याण और दीर्घकालिक सामाजिक सुरक्षा के प्रति भारत टैक्सी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
भारत टैक्सी बहु-राज्य सहकारी समितियां अधिनियम, 2002 के अंतर्गत पंजीकृत भारत का पहला सहकारिता-नेतृत्व वाला राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म है, जिसकी स्थापना 6 जून 2025 को की गई थी। यह प्लेटफॉर्म शून्य-कमीशन और सर्ज-फ्री प्राइसिंग मॉडल पर कार्य करता है, जिसमें लाभ का प्रत्यक्ष वितरण ड्राइवरों को किया जाता है, जिससे यह विदेशी निवेश-आधारित एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म्स का एक स्वदेशी विकल्प प्रस्तुत करता है।
ड्राइवरों को क्या सुविधाएं मिलेंगी
भारत टैक्सी सारथियों के लिए स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना बीमा, सेवानिवृत्ति बचत, और समर्पित ड्राइवर सहायता प्रणाली के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता देता है। दिल्ली में सात प्रमुख स्थानों पर सहायता केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। प्लेटफॉर्म त्वरित आपातकालीन सहायता, सत्यापित राइड डेटा प्रदान करता है, और ड्राइवरों को बिना किसी अनन्य शर्त के अन्य प्लेटफॉर्म्स पर काम करने की स्वतंत्रता देता है। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए “बाइक दीदी” जैसी पहलें चलाई जा रही हैं, जिनके तहत अब तक 150 से अधिक महिला ड्राइवर भारत टैक्सी से जुड़ चुकी हैं।
अपनी स्थापना के बाद से भारत टैक्सी दुनिया का पहला और सबसे बड़ा सहकारिता-आधारित राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म तथा विश्व का सबसे बड़ा ड्राइवर-स्वामित्व वाला मोबिलिटी प्लेटफॉर्म बनकर उभरा है। अब तक तीन लाख से अधिक ड्राइवर प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं, एक लाख से अधिक उपयोगकर्ता पंजीकृत हैं, और दिल्ली-एनसीआर तथा गुजरात में प्रतिदिन 10,000 से अधिक राइड्स पूरी की जा रही हैं। लगभग 10 करोड़ रुपए की राशि अब तक सीधे ड्राइवरों में वितरित की जा चुकी है। आगामी वर्षों में ‘भारत टैक्सी’ का लक्ष्य अगले दो वर्षों के भीतर देश के सभी राज्यों और शहरों में विस्तार करना है।
