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न PM फेस, न ही सीट शेयरिंग...किसी पर नहीं बन पाई बात, BJP-मोदी के खिलाफ 'INDIA' कैसे बिछाएगा बिसात?

  • Compiled by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Dec 20, 2023, 08:12 AM IST

INDIA Bloc Meeting: दिल्ली में मंथन के दौरान 'इंडिया' के नेताओं ने फैसला किया गया कि प्रधानमंत्री पद के चेहरे के बारे में फैसला चुनाव में जीत के बाद होगा, जबकि जनवरी, 2024 के दूसरे हफ्ते तक सीट बंटवारे को अंतिम रूप देना है।

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विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के घटक दलों के प्रमुख नेताओं ने 19 दिसंबर, 2023 को नई दिल्ली में बैठक की।

Photo : AP

INDIA Bloc Meeting: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लोहा लेने के लिए बना विपक्षी गठजोड़ ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) भले ही बड़े-बड़े दावे और बैठकें क्यों ही न कर ले, मगर जमीन पर उनकी सियासी प्रगति शून्य मालूम पड़ती है। ऐसा इसलिए क्योंकि इंडिया के प्रमुख घटक दल और दिग्गज चेहरे न तो अपना प्रधानमंत्री चेहरा तय कर पाए हैं और न ही वे सीट शेयरिंग पर किसी फॉर्म्युले पर राजी हुए हैं।

सबसे रोचक और हैरत की बात यह है कि ऐसी हालत तब है, जब साल 2024 के लोकसभा चुनाव में लगभग तीन महीने का समय बचा है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिरकार इंडिया गठबंधन बीजेपी और पीएम मोदी के खिलाफ अपनी सियासी बिसात कैसे बिछाएगा? आइए, समझने की कोशिश करते हैं कि मंगलवार (19 दिसंबर, 2023) को देश की राजधानी दिल्ली में इंडिया के इन नेताओं की जो बैठक हुई, उससे क्या संकेत मिले:

- विपक्षी दल भले ही इंडिया के बैनर तले साथ आ गए हों। वे बार-बार बीजेपी और मोदी को टक्कर और मात देने की बात कर रहे हों, मगर उनमें पीएम मोदी को हरा पाने का रत्ती भर भी विश्वास नहीं नजर आ रहा। विपक्षी खेमे में आत्मविश्वास की भारी कमी नजर आती है। दरअसल, मंगलवार की मीटिंग के दौरान इंडिया गठजोड़ के नेताओं ने कहा कि वे सत्तारूढ़ बीजेपी को हराने का प्रयास करेंगे।

- चुनाव लड़ने के लिए बेशक ये एकसाथ हो, मगर पीएम के नाम पर गड़बड़झाला है। कल के मंथन से संकेत मिले कि ये लोग बिना प्रधानमंत्री के चेहरे के चुनाव में उतर सकते हैं। पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने "बड़ा दिल दिखाते" हुए कांग्रेस चीफ मल्लिकार्जुन खड़गे का नाम पीएम फेस के लिए प्रस्तावित किया, मगर खड़गे बोले कि पहले चुनाव जीत तो जाएं उसके बाद पीएम तय किया जाएंगे। समझा जा सकता है कि अगर विपक्षी खेमा अभी पीएम उम्मीदवार बता देगा तो यहीं से खटपट और मार की नौबत पनप जाएगी।

- केरल के वायनाड से कांग्रेस के सांसद और पार्टी के पूर्व चीफ राहुल गांधी के नाम पर दांव (मेन चेहरा) लगाने को साथी दल के नेता फिलहाल तैयार नहीं है। यही वजह है कि खानापूर्ति के लिए खड़गे का नाम लिया गया।

- इंडिया गठबंधन जमीनी तौर पर अब तक कुछ भी ठोस हासिल नहीं कर पाया है। न तो वह फेस पर आम राय बना पाया है। न सीट शेयरिंग पर निर्णय कर पाया है और न ही अपने आत्मविश्वास को मजबूत कर सका है। हां, ये लोग बैठक-दर-बैठक के बाद माहौल जरूर बनाते हैं कि "सब होगा...।"

- चूंकि, आम चुनाव खोपड़ी पर हैं। तीन महीने से भी कम का वक्त बचा है। मार्च 2024 के आस-पास लोकसभा चुनाव के लिए तारीख आएगी, मगर इंडिया गठबंधन जमीनी तौर पर शून्य ही नजर आता है। वैसे, सबसे बड़ा मसला इनके बीच सीट शेयरिंग का है, जिस पर संभवतः कुछ ठोल नहीं तय हो पाया है।

अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

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