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भारत-बांग्लादेश के बीच हुए 10 बड़े समझौते, कोलकाता और चटगांव के बीच शुरू होगी बस सेवा; जानें खास बातें

India-Bangladesh: पीएम मोदी ने बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के साथ शनिवार को व्यापार और संपर्क सहित विविध क्षेत्रों में सहयोग को और बढ़ाने के लिए व्यापक बातचीत की। भारतीय विदेश सचिव ने ये जानकारी साझा की है कि दोनों देशों के बीच 10 समझौते और 7 घोषणाएं हुईं। जानें खास बातें

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भारत और बांग्लादेश के बीच क्या-क्या समझौते हुए।

New Delhi: बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शुक्रवार से दो दिवसीय भारत यात्रा पर हैं। लोकसभा चुनाव के बाद भारत में नई सरकार के गठन के बाद, किसी विदेशी नेता की यह पहली द्विपक्षीय यात्रा है। इस मौके पर दोनों देशों के बीच कई अहम समझौतों पर मुहर लगाई गई। भारतीय विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा ने इससे जुड़ा अहम जानकारियां साझा की है।

कोलकाता और चटगांव के बीच बस सेवा

विदेश सचिव ने बताया कि भारत, बांग्लादेश कोलकाता और चटगांव के बीच बस सेवा शुरू करेंगे। इसके अलावा भारत और बांग्लादेश गंगा जल संधि को नवीनीकृत करने के लिए संयुक्त तकनीकी समिति बनाने पर सहमत हुए। भारत तीस्ता नदी के संरक्षण और प्रबंधन का कार्य करेगा। क्वात्रा ने आगे रहा कि ने बताया कि कुल 10 समझौते और 7 घोषणाएं किए गए हैं।

व्यापार समझौते पर वार्ता शुरू करने को सहमत

भारत और बांग्लादेश ने शनिवार को व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते पर वार्ता शुरू करने पर सहमति जताई और समग्र संबंधों को प्रगाढ़ करने के लिए भविष्योन्मुखी दृष्टिपत्र तैयार किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के साथ शनिवार को बातचीत के बाद यह जानकारी मीडिया को साझा की।

PM मोदी और शेख हसीना के बीच हुई वार्ता

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बांग्लादेश, भारत का सबसे बड़ा विकास साझेदार है और नयी दिल्ली उसके साथ अपने संबंधों को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। उन्होंने हसीना की मौजूदगी में कहा कि भारत-बांग्लादेश के बीच नए क्षेत्रों में सहयोग के लिए एक भविष्योन्मुखी दृष्टिपत्र तैयार किया गया है।

दोनों पक्षों ने डिजिटल क्षेत्र, समुद्री क्षेत्र और रेलवे कनेक्टिविटी सहित अन्य क्षेत्रों में संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए। मोदी और हसीना की बीच वार्ता के बाद भारत और बांग्लादेश ने 'हरित साझेदारी' के लिए साझा दृष्टिपत्र को अंतिम रूप दिया। समुद्री सहयोग और समुद्री अर्थव्यवस्था पर समझौते को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मोदी और हसीना ने अपने बयान में क्या कहा?

मीडिया को जारी अपने बयान में मोदी ने कहा कि दोनों पक्ष आर्थिक संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) पर बातचीत शुरू करने को सहमत हुए हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि रक्षा सहयोग बढ़ाने पर भी व्यापक चर्चा हुई। मोदी ने कहा,'हम हिंद प्रशांत महासागर पहल में शामिल होने के बांग्लादेश के फैसले का स्वागत करते हैं।'

उन्होंने कहा कि भारत बांग्लादेश के साथ संबंधों को महत्व देता है और बांग्लादेश, भारत की पड़ोसी पहले नीति, एक्ट ईस्ट नीति, सागर नीति और हिंद-प्रशांत दृष्टिकोण के केन्द्र में है। हसीना ने कहा कि 'भारत हमारा अहम पड़ोसी और परखा हुआ मित्र है' और ढाका, नयी दिल्ली के साथ अपने संबंधों को काफी महत्व देता है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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