जब भी हमारे देश में घुसपैठियों की बात होती है तो बांग्लादेश का नाम अपने आप जुड़ जाता है। देश में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिक जहां-तहां से पकड़े जाते हैं। साल 2016 में ही एक सरकारी आंकड़े के अनुसार देश में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों की संख्या 2 करोड़ के आसपास थी। पिछले कुछ वर्षों में सीमा पार से अवैध घुसपैठ काफी बढ़ी है। क्या आप जानते हैं कि भारत और बांग्लादेश का बॉर्डर कितना लंबा है? किन-किन राज्यों से बांग्लादेश की सीमा लगती है और कितने किलोमीटर? नहीं जानते तो कोई बात नहीं, हम यहां बता रहे हैं। यही नहीं, इस खबर में हम यह भी जानेंगे कि किन इलाकों से घुसपैठ की घटनाएं ज्यादा होती हैं।
कितनी लंबी है भारत-बांग्लादेश की सीमा
भारत की अपने पड़ोसी देशों से साथ सीमा रेखा के बारे में बात करें तो सबसे छोटी 699 किमी लंबी सीमा भूटान के साथ लगती है। जबकि म्यांमार के साथ 1643 किमी और नेपाल के साथ भारत का 1751 किमी लंबा बॉर्डर लगता है। चीन से साथ भारत की सीमा 3488 किमी लंबी है और पाकिस्तान के साथ भारत का बॉर्डर 3323 किमी लंबा है। जबकि पड़ोसी देश बांग्लादेश के साथ भारत की सबसे लंबी जमीनी सीमा रेखा है, जिसकी लंबाई 4096.7 किमी है।
बांग्लादेश बॉर्डर भारत के किन राज्यों से मिलता है?
यह तो अब आप जानते हैं कि भारत की कुल 4096 किमी से ज्यादा लंबी सीमा बांग्लादेश के साथ लगती है। बांग्लादेश का बॉर्डर भारत के पांच राज्यों से लगता है। इसमें सबसे ज्यादा 2216.7 किमी लंबी सीमा सिर्फ पश्चिम बंगाल से जुड़ती है। शायद यही कारण है कि पश्चिम बंगाल में ही अवैध बांग्लादेशियों और अवैध घुसपैठ की ज्यादा घटनाएं भी सामने आती हैं। इसके अलावा त्रिपुरा के साथ बांग्लादेश की 856 किमी सीमा रेखा लगती है, जबकि मेघालय का बांग्लादेश बॉर्डर 443 किमी लंबा है। मिजोरम से 318 किमी और असम से बांग्लादेश की 263 किमी लंबी सीमारेखा लगती है।
बांग्लादेश बॉर्डर के कितने हिस्से पर फेंसिंग नहीं हुई
बांग्लादेश बॉर्डर के संबंध में 11 फरवरी 2025 को संसद में पूछे गए कुछ प्रश्नों के लिखित उत्तर देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने ऊपर बताई गई जानकारी दी। यही नहीं, इसी लिखित उत्तर में केंद्रीय गृह मंत्री की तरफ से बताया गया था कि अभी बांग्लादेश के साथ कुल 864.482 किमी लंबा बॉर्डर है, जिस पर तार की बाढ़ नहीं लगाई जा सकी है। इसके अलावा उन्होंने बताया कि बांग्लादेश के साथ बॉर्डर का 174.514 किमी हिस्सा ऐसा है, जिस पर फेंसिंग नहीं की जा सकती है।

बांग्लादेश का भारत के साथ 4096 किमी लंबा बॉर्डर
साल 2016 से 2020 तक सबसे ज्यादा घुसपैठ की कोशिशें पश्चिम बंगाल में हुईं और सबसे ज्यादा घुसपैठिए इसी राज्य में पकड़े गए। दूसरे नंबर पर त्रिपुरा है, जहां सबसे ज्यादा बांग्लादेशी घुसपैठ करते हुए पकड़े गए। जबकि इस दौरान बांग्लादेश के चटगांव पहाड़ी इलाकों से जुड़े मिजोरम सीमा से घुसपैठ करते हुए कोई भी बांग्लादेशी नहीं पकड़ा गया।
सीमा पार कर रहे घुसपैठियों को भेजा जाता है वापस
अवैध तरीके से बॉर्डर पार करने की कोशिश में कई बांग्लादेशी घुसपैठिए पकड़े जाते हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार ऐसी ही कोशिश में साल 2016 में 1601 बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़कर वापस भेजा गया था। इसके बाद साल 2017 में 907 और 2018 में 884 घुसपैठियों को बॉर्डर से पकड़कर वापस बांग्लादेश के हवाले किया गया था। साल 2019 में बॉर्डर से घुसपैठ करने वाले बांग्लादेशी नागरिकों ज्यादा संख्या में पकड़े गए। 2019 में 1109 और 2020 में 955 अवैध घुसपैठ की कोशिश कर रहे बांग्लादेशियों को पकड़कर सीमा पार बांग्लादेशी सेना के हवाले किया गया।
यहां से होती है सबसे ज्यादा घुसपैठ
सीमा सुरक्षा बल (BSF) के पूर्व एडिशनल डायरेक्टर जनरल पीके मिश्रा के अनुसार बांग्लादेश बॉर्डर के पास कई ऐसे गांव हैं, जहां पर डिमार्केशन संभव नहीं है। उनके अनुसार यही वह जगहें हैं, जहां से देश में बांग्लादेशी घुसपैठिये घुसते हैं। उन्होंने ऐसे क्षेत्रों के रूप में पश्चिम बंगाल के नदिया, मुर्शिदाबाद और मालदा का नाम लिया था। उनके अनुसार इन जिलों से लगे बांग्लादेश बॉर्डर पर सबसे ज्यादा अवैध गतिविधियां होती हैं।

संसद में दिया गया गृहमंत्री का लिखित जवाब
घुसपैठियों की मदद करते हैं यहां के भौगोलिक हालात
बांग्लादेश बॉर्डर पर जिस लगभग 175 किमी के हिस्से के बारे में ऊपर बताया गया है कि इस पर फेंसिंग नहीं हो सकती। यही वह हिस्सा है, जहां से घुसपैठ की सबसे ज्यादा संभावना होती है। इस लगभग 175 के हिस्से में नदियां, नाले और दलदली जमीन है, जहां पर तकनीकी रूप से बाड़ (Fencing) लगाना संभव नहीं है। यही गैप अवैध व्यापार, तस्करी और सीमा के आर-पार अनौपचारिक लेन-देन (ICBT) के प्रमुख रास्ते के रूप में इस्तेमाल होते हैं।
चिकन नेक से अवैध व्यापार ज्यादा
चिकन नेक को लेकर हाल के कुछ वर्षों में काफी बात हुई है, खासतौर पर बांग्लादेश में प्रधानमंत्री शेख हसीना के तख्ता पलट के बाद। इस हिस्से को सिलीगुड़ी कॉरिडोर भी कहा जाता है। इसके आसपास के बॉर्डर के इलाके काफी संवेदनशील हैं। यहां के सीमाई इलाकों से मवेशियों के साथ ही अवैध व्यापार तो होता ही है, साथ ही बांग्लादेशी नागरिक भी अवैध रूप से भारतीय सीमा में घुसते हैं।
पहले तो बांग्लादेश यह मामने को तैयार ही नहीं होता था कि उसके नागरिक चोरी-छिपे अवैध रूप से भारत में घुसपैठ करते हैं और यहां छोटे-मोटे काम करते हैं। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में वह भारत में सजा काट चुके अपने उन नागरिकों को वापस लेने के लिए तैयार हुआ है, जो वापस बांग्लादेश लौटना चाहते हैं।
