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Badlapur Case: देश में बदलापुर जैसी घटना न दोहरायी जाए, सुप्रीम कोर्ट का स्कूली बच्चों को लेकर 'अहम आदेश'

SC on Badlapur Case: सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों से कहा है कि वो स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार की ओर से जारी गाइडलाइंस को लागू करें।

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बदलापुर रेप केस

KEY HIGHLIGHTS
  1. आदेश देश भर के 18 साल तक के 43 करोड़ से ज्यादा बच्चों से जुड़ा हुआ है
  2. दरअसल केंद्र सरकार ने अक्टूबर 2021 में ये दिशानिर्देश जारी किए थे
  3. कोर्ट ने बचे हुए सभी राज्यों को इन दिशा निर्देश को लागू करने को कहा

SC on Badlapur Case: महाराष्ट्र के बदलापुर समेत देश के कई स्कूलों में बच्चों के यौन उत्पीड़न की हाल की घटनाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अहम आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्र सरकार के गाइडलाइन को लागू करने के लिए उसकी कॉपी सभी राज्यों के चीफ सेक्रेटरी को भेजने को कहा। ये आदेश देश भर के 18 साल तक के 43 करोड़ से ज्यादा बच्चों से जुड़ा हुआ है।

दरअसल केंद्र सरकार ने अक्टूबर 2021 में ये दिशानिर्देश जारी किए थे जिनमें सभी स्कूलों में स्टाफ का वेरिफिकेशन, स्कूल परिसर में CCTV कैमरों से निगरानी, शिक्षक और अभिभावकों की मीटिंग और सुरक्षा मापदंडों की नियमित अंतराल पर जांच शामिल है।

इस मामले में याचिकाकर्ता बचपन बचाओ आंदोलन की तरफ से पेश हुए सीनियर एडवोकेट एच एस फुल्का में बताया कि अभी तक सिर्फ पांच राज्यों (पंजाब, जम्मू कश्मीर, मध्यप्रदेश, मिज़ोरम, दमन एंड दीव) ने ही इन दिशानिर्देश को अपने राज्यों लागू किया है।

कोर्ट ने बचे हुए सभी राज्यों को इन दिशा निर्देश को लागू करने को कहा। सबसे महत्वपूर्ण बात सुनवाई के दौरान रही कि सुप्रीम कोर्ट ने इस आदेश पर अमल सुनिश्चित करने का जिम्मा NCPCR (राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग) को सौंपा है। NCPCR इन सभी राज्यों की निगरानी करेगा। कोर्ट ने अपने आदेश में ये भी कहा कि सभी राज्य NCPCR को अपने यहां दिशानिर्देश लागू करने को लेकर की गई कार्रवाई पर एक्शन टेकन रिपोर्ट सौपेंगे।

बच्चों के अधिकार के लिए काम करने वाली एनजीओ बचपन बचाओ आन्दोलन ने बदलापुर में स्कूली बच्चों के यौन शोषण की घटना का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। आयोग ने मांग की थी कि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी राज्य ये दिशानिर्देश लागू करें।

Gaurav Srivastav
गौरव श्रीवास्तवauthor

टीवी न्यूज रिपोर्टिंग में 10 साल पत्रकारिता का अनुभव है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट से लेकर कानूनी दांव पेंच से जुड़ी हर खबर आपको इस जगह मिलेगी। साथ ही चुनाव आयोग, विपक्ष के राजनीतिक घटनाक्रम से लेकर हर जनहित मुद्दे पर मेरी नजर रहती है।

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