चारा घोटाले से जुड़े एक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो को बड़ी सफलता मिली है। सीबीआई ने इस मामले में 25 साल से अधिक समय से फरार चल रहे घोषित अपराधी सत्येंद्र कुमार को गिरफ्तार किया है। आरोपी सत्येंद्र 2001 में मामले में आरोपपत्र दाखिल होने के बाद से फरार हो गया था। इसके बाद जब वह अदालत में मुकदमे का सामना करने के लिए पेश नहीं हुआ तो उसके खिलाफ गिरफ्तारी का स्थायी वारंट जारी किया गया था।
वारंट जारी होने के बाद सीबीआई लगातार सत्येंद्र की निगरानी,तकनीकी जानकारी और खुफिया सूचनाओं के आधार पर आरोपी का पता लगाने में जुटी थी। जांच के दौरान केंद्रीय एजेंसी को जानकारी मिली थी कि उसकी लोकेशन नेपाल में है। जब उसकी लगातार ट्रैकिंग की गई तो पता चला कि आरोपी हाल ही में भारत लौटा। सीबीआई को यह भी पता चला कि वह बीचे दिन यानी 22 अक्टूबर 2026 को मध्य प्रदेश के गुना से उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ ट्रेन से आ रहा था।
खुफिया सूचना के आधार पर बिछाया जाल
सीबीआई को आरोपी के ट्रेन से लखनऊ आने की पुख्ता सूचना मिली थी। इसके बाद एजेंसी ने उसे गिरफ्तार करने के लिए एक विशेष टीम गठित की। टीम ट्रेन के लखनऊ पहुंचने से पहले ही रेलवे स्टेशन पर तैनात हो गई। आधी रात के आसपास आरोपी के लखनऊ रेलवे स्टेशन पहुंचने पर सीबीआई टीम ने उसे पकड़ लिया और गिरफ्तार कर लिया।रांची की अदालत में किया जाएगा पेश
अब 25 साल बाद गिरफ्तारी के बाद आरोपी सत्येंद्र को ट्रांजिट रिमांड पर रांची ले जाया जा रहा है। वहां उसे संबंधित अदालत में पेश किया जाएगा, जहां उसे चारा घोटाले के मामले में मुकदमे का सामना करना होगा।
