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अगर लोकसभा ऐसे ही ठप रही तो शनिवार-रविवार को भी चलेगा सदन, ओम बिरला ने सांसदों को चेताया

अडानी विवाद, उत्तर प्रदेश के संभल में हाल की हिंसा और अन्य मुद्दों पर विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण पिछले सप्ताह लोकसभा की कार्यवाही नहीं चल सकी है।

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ओम बिरला

Photo : PTI

LS Speaker Om Birla: संसद में लगातार हंगामे के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आज सांसदों को चेतावनी दी कि यदि स्थगन के कारण सदन की कार्यवाही और बाधित होती है, तो उन्हें समय की हानि की भरपाई के लिए शनिवार और रविवार को भी सदन चलाना होगा। सरकार और विपक्षी दलों ने सोमवार को संसद में एक सप्ताह से चल रहे गतिरोध को तोड़ने के लिए एक समझौते पर पहुंच गए, जिसमें लोकसभा और राज्यसभा में संविधान के 75वें वर्ष को अपनाने के अवसर पर चर्चा के लिए तारीखों की घोषणा की गई थी।

निचला सदन लोकसभा 13 और 14 दिसंबर को संविधान पर चर्चा करेगा, जबकि उच्च सदन राज्यसभा 16 और 17 दिसंबर को संविधान पर चर्चा करेगा। प्रश्नकाल के तुरंत बाद बिरला ने कहा, शनिवार, 14 दिसंबर को सदन की बैठक सुबह 11 बजे होगी। यदि आप स्थगन जारी रखते हैं, तो जितने दिन इसे स्थगित किया गया है, आपको शनिवार और रविवार को भी कार्यवाही में शामिल होना होगा।

उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि उन्होंने आज किसी भी स्थगन नोटिस की सूचना देने की अनुमति नहीं दी है। अडानी विवाद, उत्तर प्रदेश के संभल में हाल की हिंसा और अन्य मुद्दों पर विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण पिछले सप्ताह लोकसभा की कार्यवाही नहीं चल सकी है।

अडानी विवाद, संभल हिंसा पर हंगामा

ओम बिरला ने सोमवार को विभिन्न दलों के सदन के नेताओं के साथ बैठक की और फिर गतिरोध खत्म करने में सफलता मिली थी। विपक्ष की मांग को स्वीकार करते हुए सरकार ने ऐलान किया कि लोकसभा में 13 और 14 दिसंबर को संविधान पर चर्चा होगी और राज्यसभा में यह चर्चा 16 और 17 दिसंबर को होगी।

गत 25 नवंबर से आरंभ हुए संसद के शीतकालीन सत्र में सोमवार तक गतिरोध की स्थिति बनी हुई थी। कांग्रेस सदस्य अदाणी समूह से जुड़े मामले को उठा रहे थे, वहीं समाजवादी पार्टी के सांसद संभल हिंसा के मामले पर सदन में चर्चा की मांग कर रहे थे। मंगलवार को सदन में सुचारू तरीके से कामकाज शुरू हुआ और प्रश्नकाल तथा शून्यकाल विधिवत चले।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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