Expose on Operation Sindoor: ऑपरेशन सिंदूर पर भारतीय वायु सेना प्रमुख एपी सिंह ने बड़ा खुलासा किया है। वायु सेना प्रमुख ने शनिवार को कहा कि अभियान के दौरान हमने पाकिस्तान के 5 फाइटर प्लेन मार गिराए। इसके अलावा हमने AEW&C/ELINT एयरक्राफ्ट भी तबाह किए। वायु सेना प्रमुख ने कहा कि पाकिस्तान के ये सभी हथियार भारतीय सीमा से 100 किलोमीटर भीतर थे लेकिन इस बार हमने पाकिस्तान की अच्छी खबर ली। हमारे पास ऑपरेशन के वीडियो और सभी खुफिया रिपोर्टें हैं। हमारे टारगेट आतंकवादी ठिकाने थे। पाकिस्तान के साथ चार दिनों के इस संघर्ष में भारतीय एंटी ड्रोन सिस्टम ने भी बहुत ही अच्छा काम किया।
भारत की जवाबी कार्रवाई का वीडियो प्रेजेंटेशन देते हुए वायुसेना प्रमुख ने कहा, 'ये बहावलपुर, जैश-ए-मोहम्मद मुख्यालय पर हमारे द्वारा किए गए हमले की पहले और बाद की तस्वीरें हैं, यहां मुश्किल से किसी निर्दोष हताहत हुआ। पास की इमारतें लगभग सुरक्षित हैं। हमारे पास न सिर्फ सैटेलाइट तस्वीरें थीं, बल्कि स्थानीय मीडिया से भी हमें अंदर की तस्वीरें मिल सकीं।'
'हमारे एयर डिफेंस सिस्टम को भेद नहीं पाया पाक'
लश्कर-ए-तैयबा मुख्यालय मुरीदके पर हुए हमले की पहले और बाद की तस्वीरें दिखाते हुए एयर चीफ मार्शल ने कहा, 'यह उनका वरिष्ठ नेतृत्व का आवासीय क्षेत्र है। ये उनकी दफ्तर वाली इमारतें थीं, जहां वे बैठकें करते थे। हमें हथियारों से ही वीडियो मिल सका क्योंकि यह स्थान रेंज के भीतर था।' वायु सेना प्रमुख ने आगे कहा कि हमारी वायु रक्षा प्रणाली ने बेहतरीन काम किया है। हाल ही में खरीदी गई एस-400 प्रणाली एक 'गेम-चेंजर' साबित हुई है। इस प्रणाली की रेंज ने उनके विमान को उनके हथियारों जैसे लंबी दूरी के ग्लाइड बमों के इस्तेमाल से दूर रखा। वे इनमें से किसी का भी इस्तेमाल नहीं कर पाए क्योंकि वे इस प्रणाली को भेद नहीं पाए।'
300 किलोमीटर की दूरी पर निशाना बनाया गया
एयर चीफ ने कहा कि 'शहबाज जैकबाबाद एयरफील्ड जो प्रमुख एयरफील्ड में से एक था, उस पर हमला किया गया। यहां एक एफ-16 हैंगर है। हैंगर का आधा हिस्सा नष्ट हो गया है। मुझे यकीन है कि अंदर कुछ विमान थे, जिन्हें नुकसान पहुंचा। हम कम से कम दो कमांड और कंट्रोल केंद्रों – जैसे मुरीद और चकला को निशाना बना पाए। कम से कम छह रडार, जिनमें कुछ बड़े और कुछ छोटे थे। हमारे पास संकेत है कि उस एईडब्ल्यू एंड सी हैंगर में कम से कम एक एईडब्ल्यू एंड सी विमान था और कुछ एफ-16 विमान, जो मरम्मत के अधीन थे। एक बड़ा विमान, जो या तो ईलिंट विमान हो सकता है या एईडब्ल्यू एंड सी, जिसे लगभग 300 किलोमीटर की दूरी पर निशाना बनाया गया।'
