Jitan Ram Manjhi: बिहार के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने कैबिनेट बंटवारे पर नाखुशी जाहिर की है। साथ ही दावा किया कि उन्हें महागठबंधन की ओर से सीएम पद की पेशकश भी हुई थी। मांझी ने कहा कि हमें कम से कम एक और कैबिनेट दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि निर्दलीयों को मनमाफिक कैबिनेट विभाग मिल रहे हैं। हम पार्टी से अनिल कुमार सिंह को भी मंत्री बनाया जाना चाहिए। मैंने अमित शाह, नीतीश कुमार और नित्यानंद राय समेत अन्य नेताओं से बात की है।
मुझे सीएम पद की पेशकश की गई थी...
मांझी ने कहा कि मुझे महागठबंधन की ओर से सीएम पद की पेशकश की गई थी, लेकिन मैंने इसे अस्वीकार कर दिया। अगर मुझे दो मंत्रालय नहीं मिले तो यह मेरे साथ अन्याय होगा। जीतन राम मांझी को पैसे और पद से नहीं मापा जा सकता, इसलिए मैं एनडीए के साथ हूं।
नीतीश नौंवीं बार बने सीएम
नीतीश कुमार महागठबंधन से नाता तोड़कर 28 जनवरी को बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। उन्होंने नौवीं बार बतौर सीएम शपथ ली। नीतीश ने ही महागठबंधन से अलग होने का ऐलान कर एनडीए से नाता जोड़ लिया था। नीतीश कुमार के साथ आठ और मंत्रियों ने भी शपथ ली थी। सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा ने बतौर डिप्टी सीएम के रूप में शपथ ली थी।
डिप्टी सीएम के रूप में शपथ लेने से पहले सम्राट चौधरी को बीजेपी ने विधायक दल का नेता और विजय सिन्हा को उपनेता चुना गया था। इन दोनों के अलावा बीजेपी की ओर से डॉ. प्रेम कुमार, जेडीयू से विजय कुमार चौधरी, श्रवण कुमार, विजेंद्र यादव, मांझी की पार्टी हम (HAM) से संतोष कुमार सुमन और एक निर्दलीय सुमित कुमार सिंह भी मंत्री बने थे।
