देश

दिल्ली सरकार के स्कूल के गेट पर लगा 'आई लव मनीष सिसोदिया' बैनर, मचा बवाल, जानिए पूरा मामला

  • Authored by: रामानुज सिंह
  • Updated Mar 5, 2023, 08:03 AM IST

दिल्ली के शास्त्री पार्क इलाके में दिल्ली सरकार के एक स्कूल के गेट पर 'आई लव मनीष सिसोदिया' (I Love Manish Sisodia) का बैनर लगाए जाने इलाके में बवाल मच गया। इसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। जानिए पूरा मामला क्या है।

Image

आई लव मनीष सिसोदिया बैनर पर बवाल

Photo : Twitter

नई दिल्ली : दिल्ली पुलिस ने शनिवार को नॉर्थईस्ट दिल्ली के शास्त्री पार्क इलाके में दिल्ली सरकार के एक स्कूल के गेट पर 'आई लव मनीष सिसोदिया' (I Love Manish Sisodia) का बैनर लगाए जाने के खिलाफ केस दर्ज किया है। स्थानीय निवासियों ने शुक्रवार सुबह बैनर लगाए जाने का विरोध किया, जिसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत स्थानीय निवासी दिवाकर पांडे ने की थी जिसके लिए दिल्ली पुलिस ने शास्त्री पार्क पुलिस स्टेशन में दिल्ली प्रॉपर्टी डिफेक्टमेंट अधिनियम की धारा 3 के तहत केस दर्ज किया है। स्कूल मैनेजमेंट कमिटी (SMC) के कॉर्डिनेटर गजाला ने स्कूल के प्रधानाचार्य के साथ मिलकर स्कूल के गेट पर बैनर लगवा दिया था।

ये है पूरा मामला

एएनआई से बात करते हुए शिकायतकर्ता दिवाकर पांडे ने कहा कि 3 मार्च को सुबह 8 से 8.30 बजे के बीच आम आदमी पार्टी (आप) के कुछ कार्यकर्ता शास्त्री पार्क में सरकारी स्कूल के गेट के ऊपर एक बैनर लगा रहे थे। सबसे पहले उन्होंने स्कूल से एक डेस्क निकाली और उसे बाहर लाकर उस पर चढ़ गए और गेट पर 'आई लव मनीष सिसोदिया' (I love Manish Sisodia) का पोस्टर लगाने लगे, जिस पर लोगों ने आपत्ति जताई और कहा कि यह शिक्षा का मंदिर है, इसे राजनीति से दूर रखो। उन्होंने कहा कि हमने उनसे पूछा भी कि क्या उनके पास अनुमति है। उन्होंने विधायक अब्दुल रहमान से संबंधित होने का दावा किया। इसके बाद एक व्यक्ति ने विधायक से संपर्क किया और उनसे पूछा कि क्या उन्होंने अनुमति दी है और विधायक ने हां में जवाब दिया। हम जानते हैं कि विधायक झूठ बोल रहे हैं। पांडे ने कहा कि इसलिए किसी राजनीतिक लाभ के लिए किसी स्कूल का इस्तेमाल करने की अनुमति कभी नहीं दी जाती है।

विरोध के बाद हटा बैनर

शिकायतकर्ता ने बताया कि लोगों के विरोध करने पर बैनर हटा दिया गया। उन्होंने कहा कि समस्या यह है कि बच्चों से 'आई लव मनीष सिसोदिया' लिखवाया गया। हमारी संस्कृति इन सब चीजों की इजाजत नहीं देती है। साथ ही उसने कहा कि वे बच्चों का ब्रेनवॉश करने की कोशिश कर रहे हैं। हमने प्रिंसिपल से पूछा, लेकिन वह मामले की गंभीरता को पहचानने में विफल रहे, जिसके बाद मैंने शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया है और आश्वासन दिया है कि दोषियों को दंडित किया जाएगा।

सिसोदिया के प्रति बच्चों में सहानुभूति!

स्थानीय निवासी दुर्गेश तिवारी ने एएनआई से बात करते हुए कहा कि आप के कुछ कार्यकर्ता यहां आए थे और गेट पर 'आई लव सिसोदिया' का बैनर लगा दिया था और स्कूल आने वाले बच्चों को गेट के पास बैठने के लिए बुलाया था। मैंने उनका सामना किया और कहा कि वे जो कर रहे हैं वह सही नहीं है। इस पर कार्यकर्ताओं ने जवाब दिया कि सरकार जो कर रही है वह सही नहीं है और हमारे शिक्षा मंत्री को जेल भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि बच्चे उनके प्रति अपनी सहानुभूति दर्ज करा रहे हैं।

शराब के आरोपी का बचाव करना, कहां तक सही?

घटना पर नाराजगी जताते हुए तिवारी ने कहा कि बच्चे शराब के आरोपी का बचाव कर रहे हैं, यह कहां तक सही है? ये लोग बच्चे और स्कूल के प्रिंसिपल पर इस तरह की हरकतें करने के लिए दबाव डाल रहे हैं। उसी स्कूल में धार्मिक गतिविधि कराई जाती थी। हालांकि, कोई कार्रवाई नहीं की गई। गौर हो कि सिसोदिया को दिल्ली की नई आबकारी नीति बनाने और लागू करने में कथित अनियमितताओं के आरोप में पिछले रविवार को सीबीआई ने गिरफ्तार किया था। विपक्ष द्वारा गड़बड़ी के आरोपों के बीच नीति को वापस ले लिया गया था। सुप्रीम कोर्ट द्वारा मामले में दखल देने से इनकार करने के बाद सिसोदिया ने शुक्रवार को राउज एवेन्यू कोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी।

रामानुज सिंह
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article