Budaun News: उत्तर प्रदेश के बदायूं से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे पढ़कर आपके रौंगटे खड़े हो जाएंगे। यहां एक व्यक्ति ने बेटे की चाह में इंसानियत को तार-तार कर दिया। उसने बेटे की चाह में अपनी गर्भवती पत्नी के पेट को ही फाड़ डाला। अब आरोपी पति को अपने किए की सजा मिल गई है। बदायूं की एक अदालत ने आरोपी पति को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाने के साथ ही 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना न देने की स्थिति में उसे छह माह का कारावास और भुगतना होगा।
जानकारी के मुताबिक, बदायूं के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के गांव घोंचा निवासी गोलू ने 19 सितंबर 2020 को थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई, जिसमें उसने आरोप लगाया था कि उसकी बहन अनीता की शादी शहर के मोहल्ला नेकपुर निवासी पन्नालाल के साथ हुई थी। शिकायत के अनुसार, अनीता ने शादी के बाद पांच बेटियों को जन्म दिया। इस कारण उसका पति पन्नालाल लगातार उसे प्रताड़ित करता था और दूसरी शादी करने की भी धमकी अनीता को देता था।
आठ महीने की गर्भवती थी अनीता
शिकायत में बताया कि घटना के समय 30 वर्ष की अनीता आठ माह की गर्भवती थी। इसी दौरान एक दिन पन्नालाल घर आया और अनीता से झगड़ने लगा। इसके बाद वह बोला कि तू लड़कियां ही पैदा करती है। इस बार तेरा पेट फाड़कर देखूंगा कि इसमें लड़का है या लड़की,शिकायत के अनुसार, इसके बाद पन्नालाल ने अनीता का पेट हंसिए से चीर दिया जिससे अनीता की आंतें बाहर आ गई और आठ माह के शिशु का गर्भपात हो गया। बाद में पता चला कि वह शिशु लड़का ही था। मामले के अनुसार, गंभीर हालत में अनीता को बरेली स्थित अस्पताल में भर्ती करा कर उसका उपचार कराया गया। गोलू की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना पूरी करने के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद आरोपी के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया गया और मामले में नियमित सुनवाई की गयी। उन्होंने बताया कि विशेष अदालत ने पन्नालाल को दोषी पाते हुए उसे आजीवन कारावास तथा 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। इस समय पन्नालाल की उम्र 38 वर्ष है।
