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समाजवादी पार्टी ने अयोध्या में कैसे हासिल की जीत? अखिलेश यादव ने बताई इनसाइड स्टोरी

UP Politics: अखिलेश यादव ने अयोध्या में भाजपा की हार को लेकर तीखा प्रहार करते हुए ये कहा है कि अयोध्या से समाजवादी पार्टी नेता अवधेश प्रसाद की जीत से जनता ने नफरत की राजनीति को खत्म कर दिया। इसके साथ ही उन्होंने एक अपील की, क्या है वो आपको इस रिपोर्ट में बताते हैं।

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अखिलेश यादव, अध्यक्ष, समाजवादी पार्टी।

Photo : Times Now Digital

Akhilesh Yadav on Ayodhya Victory: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के वक्त एक गाना बहुत चर्चा में था, 'जो राम को लाए हैं, हम उनको लाएंगे।' हालांकि लोकसभा चुनाव 2024 में भारतीय जनता पार्टी को अयोध्या में ही हार का सामना करना पड़ा, जिसके बाद से भाजपा के आलोचकों ने उसे घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ा। अखिलेश यादव की सपा ने फैजाबाद लोकसभा सीट पर जीत का डंका बजाया। जिसके बाद से समाजवादी पार्टी लगातार भाजपा पर हमलावर है। इसी कड़ी में समाजवादी पार्टी (सपा) अध्‍यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव ने बीजेपी पर तीखा प्रहार किया है।

अयोध्या को लेकर अखिलेश यादव ने किया बड़ा दावा

अखिलेश यादव ने पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को 2027 में होने वाले राज्‍य विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटने की अपील करते हुए कहा कि अयोध्या जिले के फैजाबाद लोकसभा क्षेत्र से पार्टी नेता अवधेश प्रसाद की जीत से जनता ने नफरत की राजनीति को खत्म कर दिया है। सपा की ओर से जारी बयान के अनुसार पार्टी के प्रदेश मुख्यालय लखनऊ के डॉ. राममनोहर लोहिया सभागार में शुक्रवार को बड़ी संख्या में आये हुए पार्टी कार्यकर्ताओं, नेताओं, विधायकों तथा नवनिर्वाचित लोकसभा सदस्यों को सम्बोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा, '2024 के लोकसभा चुनाव ने भारत की राजनीति को बदलने का काम किया है। अयोध्या जनपद के लोकसभा क्षेत्र फैजाबाद से सांसद अवधेश प्रसाद की जीत से जनता ने नफरत की राजनीति को खत्म कर दिया है।'

विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी में जुट गए अखिलेश

फैजाबाद (अयोध्या) लोकसभा सीट से सपा के अवधेश प्रसाद ने वहां से 2014 से लगातार दो बार चुनाव जीते भाजपा उम्मीदवार लल्‍लू सिंह को पराजित कर दिया और उन्‍हें तीसरी बार संसद पहुंचने से रोक दिया। लल्‍लू सिंह की हार इसलिए भी चर्चा का विषय बन गयी है क्योंकि इस वर्ष की शुरुआत में 22 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या में भव्य भव्य मंदिर में श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की गयी थी। अखिलेश यादव ने कहा, 'हमें ऐतिहासिक जीत मिली है लेकिन इस जीत से हमारी जिम्मेदारी और भी बढ़ी है। हमें अभी से 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुट जाना है।'

यूपी में सपा ने अब तक की सबसे बड़ी जीत हासिल की

लोकसभा चुनाव 2024 में उत्तर प्रदेश की 80 सीट में से समाजवादी पार्टी ने अपने स्‍थापना काल से अब तक रिकार्ड प्रदर्शन करते हुए सर्वाधिक 37 सीट पर जीत हासिल की। सपा की सहयोगी कांग्रेस को भी छह सीट पर जीत मिली, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को 33 और उसके सहयोगी राष्‍ट्रीय लोकदल (रालोद) को दो और अपना दल (एस) को एक सीट पर जीत मिली। एक सीट आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने भी जीती है।

जनता के सामने कोई नहीं टिक सकता- अखिलेश यादव

सपा प्रमुख ने कहा, 'इस लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को ऐतिहासिक जीत मिलने से समाजवादी पार्टी की ताकत बढ़ी है और नेताओं, कार्यकर्ताओं में नयी ऊर्जा का संचार हुआ है।' उन्‍होंने नसीहत देते हुए कहा, 'आगे विधानसभा चुनाव में जीत का लक्ष्य पाने के लिए जहां हम सबको अपनी भाषा ठीक रखनी है, वहीं सभी का सम्मान करना भी सीखना होगा। हमें जनता से जुड़े रहना है। जनता का आशीर्वाद हमारे साथ है।' अखिलेश यादव ने कहा, 'जनता के सामने कोई नहीं टिक सकता है। चुनाव में जनता ने भाजपा का अहंकार तोड़ा है। भाजपा नेताओं को अब नींद नहीं आती है।'

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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