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नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर जहां भगदड़ मची, वहां अभी कैसे हैं हालात? जान लीजिए हर जरूरी बात

Latest Update of New Delhi Railway Station: नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ में 18 लोगों की मौत हो गई, जबकि 12 से अधिक घायल बताए जा रहे हैं। इस हादसे से जुड़े कई अहम और बड़े अपडेट सामने आ रहे हैं। दिल्ली पुलिस ने बताया है कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर कल रात करीब 10 बजे हुई भगदड़ में 14 महिलाओं समेत 18 लोगों की मौत हो गई। आपको तस्वीरों के जरिए दिखाते हैं कि फिलहाल वहां अभी कैसे हालात हैं, जहां ये भगदड़ मची थी।

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नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर फिलहाल कैसे हैं हालात?

New Delhi: नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर जहां भगदड़ मची, वहां फिलहाल हालात कैसे हैं? लगातार तस्वीरें सामने आ रही हैं। शनिवार देर रात नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ मचने से कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई और 12 से अधिक लोग घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि भगदड़ में कम से कम 18 लोगों के मारे जाने की सूचना है।

घटनास्थल पर फिलहाल कैसे हैं हालात?

प्लेटफार्म संख्या 14 और 15 पर प्रयागराज (जहां महाकुंभ का आयोजन किया गया है) जाने वाली ट्रेन पकड़ने के लिए यात्रियों की भीड़ उमड़ पड़ी जिसके बाद वहां भगदड़ मच गई। प्लेटफॉर्म नंबर 14 की तस्वीरें सामने आई हैं, जिसमें साफ नजर आ रहा है कि फिलहाल कैसे हालात हैं।

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म में से एक, जहां कल रात करीब 10 बजे भगदड़ मच गई, जिसमें 18 लोग मारे गए और कई अन्य घायल हो गए। प्लेटफॉर्म नंबर 14 का एक अन्य दृश्य देखिए।

पीएम मोदी ने हादसे पर जताया दुख

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस घटना पर शोक व्यक्त किया। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, 'नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ से व्यथित हूं। मेरी संवेदनाएं उन सभी के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजन को खोया है। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।' उन्होंने कहा कि प्राधिकारी इस स्थिति से प्रभावित सभी लोगों की सहायता कर रहे हैं। वहीं दिल्ली के उपराज्यपाल और दिल्ली की कार्यवाहक मुख्यमंत्री आतिशी ने इस हादसे पर दुख जताया है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ट्वीट किया, 'नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ में लोगों की मौत की खबर सुनकर बहुत दुख हुआ। मैं शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करती हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करती हूं।'

परिजनों को 10 लाख रुपए का मुआवजा

भारतीय रेलवे ने बताया है कि कल नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड़ में मारे गए लोगों के परिजनों को 10 लाख रुपए का मुआवजा देने की घोषणा की गई है। गंभीर रूप से घायलों को 2.5 लाख रुपए और मामूली रूप से घायलों को 1 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाएगा।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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