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आधे जले हुए NEET प्रश्नपत्रों से कैसे मिला सुराग, कैसे और कहां लीक हुआ नीट पेपर, CBI का बड़ा खुलासा

NEET UG 2024 परीक्षा पेपर लीक मामले की जांच को लेकर सीबीआई की ओर से बयान दिया गया इसमें बताया गया है कि कैसे और कहां से सबसे पहले पेपर लीक हुआ इस मामले की कई परतें खुली हैं।

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कैसे और कहां लीक हुआ नीट पेपर?

राष्ट्रीय प्रवेश सह पात्रता परीक्षा (NEET) प्रश्नपत्र लीक के सूत्रधार पंकज कुमार ने हजारीबाग के ओएसिस स्कूल के प्रधानाचार्य और उप-प्रधानाधार्य के साथ सांठगांठ कर पांच मई को परीक्षा शुरू होने से कुछ घंटे पहले प्रश्नपत्र हासिल किया और उसे हल कर उन उम्मीदवारों को भेजा जिन्होंने पैसे दिए थे CBI ने यह जानकारी दी।

सीबीआई ने नीट प्रश्नपत्र लीक मामले में अब तक की गई जांच की जानकारी देते हुए बताया कि कथित सूत्रधारों में से एक कुमार ने ओएसिस स्कूल के प्रधानाचार्य राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के जिला समन्वयक एहसानुल हक और उप-प्रधानाचार्य व केंद्र अधीक्षक इम्तियाज आलम के साथ सांठगांठ कर अपराध को अंजाम दिया, एजेंसी ने बताया कि तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

सीबीआई ने बताया कि वह पटना के एक छात्रावास से बरामद आधे जले कागजों के आधार पर केंद्र की पहचान कर सकती है। केंद्रीय एजेंसी के प्रवक्ता ने कहा, 'नीट यूजी 2024 प्रश्नपत्रों वाले बक्सों को स्कूल में लाया गया और 05-05-2024 की सुबह नियंत्रण कक्ष में रखा गया। बक्से पहुंचने के कुछ मिनटों ही बाद प्रधानाचार्य और उप-प्रधानाचार्य ने अनधिकृत और अवैध रूप से सूत्रधार को उस कमरे में जाने की अनुमति दे दी, जहां बक्से रखे हुए थे।'

प्रवक्ता ने बताया कि परीक्षा की सुबह हजारीबाग में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) पटना, राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) रांची और भरतपुर के एक मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई करने वाले एवं प्रश्नपत्र हल करने वाले विद्यार्थियों के एक समूह ने प्रश्नपत्र हल किया। एजेंसी ने मामले में सात कथित प्रश्नपत्र हल करने वालों को गिरफ्तार किया है।उन्होंने कहा, 'हल किया गया प्रश्नपत्र कुछ चुनिंदा छात्रों के साथ साझा किया गया था, जिन्होंने आरोपियों को पैसे दिए थे। प्रश्नपत्र हल करने वाले सभी प्रतिष्ठित महाविद्यालयों में एमबीबीएस के विद्यार्थी हैं और उनकी पहचान कर ली गई है। इनमें से अधिकतर को गिरफ्तार कर लिया गया है।'

प्रश्नपत्र हल करने वालों को साजिश के तहत खास तौर पर हजारीबाग लाया गया था

प्रश्नपत्र हल करने वालों को साजिश के तहत खास तौर पर हजारीबाग लाया गया था। उन्होंने कहा कि कुमार के साथ काम करने वाले गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान कर ली गई है और उनमें से कुछ को गिरफ्तार भी कर लिया गया है।उन्होंने कहा, 'इस समूह को आरोपियों के एक समूह द्वारा सक्रिय रूप से सहायता प्रदान की गई, जिन्होंने अभ्यर्थियों के रहने की व्यवस्था की, आरोपियों का एक अन्य समूह उम्मीदवारों को जुटाने और लाने-ले जाने के कार्य में संलिप्त था।'

एजेंसी ने अब तक 36 लोगों को गिरफ्तार किया है

जिन अभ्यर्थियों को हल किए गए प्रश्नपत्र मुहैया कराए गए, उनका पता लगाया जा रहा है तथा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। एजेंसी ने अब तक 36 लोगों को गिरफ्तार किया है।नीट-यूजी 2024 के असफल अभ्यर्थियों को बड़ा झटका देते हुए उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को सवालों के घेरे में आई इस परीक्षा को रद्द करने और दोबारा कराने की मांग वाली याचिकाएं खारिज कर दीं। शीर्ष अदालत ने कहा कि रिकॉर्ड में ऐसा कोई सबूत नहीं है जिससे यह निष्कर्ष निकाला जा सके कि इसकी शुचिता के 'प्रणालीगत उल्लंघन' के कारण यह 'दूषित' हुई है।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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