Biparjoy Cyclone in Gujarat: बिपरजॉय चक्रवात की आमद के मद्देनजर गुजरात सरकार ने बताया है कि अब तक 94,427 लोगों को निकाला गया है। करीब 46,800 लोगों को कच्छ जिले में सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इसके अलावा, देवभूमि द्वारका में 10,749, जामनगर में 9,942, मोरबी में 9,243, राजकोट में 6,822, जूनागढ़ में 4,864, पोरबंदर में 4,379 और गिर सोमनाथ जिले में 1,605 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
गौर हो कि 15 जून यानी गुरूवार को गुजरात में बिपरजॉय चक्रवात कहर बरपा सकता है, गुजरात के द्वारका समेत तमाम जिलों पर इसका असर अब दिखने लगा है।
जानिए फिलहाल द्वारका नगरी में कैसे हालात हैं. EXCLUSIVE ग्राउंड रिपोर्ट.
गुजरात सरकार प्रशासन ने बताया कि 'सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाये गये लोगों में 8,900 बच्चे, 1,131 गर्भवती महिलाएं और 4,697 वृद्ध व्यक्ति शामिल हैं। इन आठ जिलों में कुल 1,521 आश्रय गृह स्थापित किये गये हैं। मेडिकल दल नियमित अंतराल पर इन स्थानों का दौरा कर रहे हैं।'मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल स्थिति की समीक्षा करने आज सुबह गांधीनगर में राज्य आपदा अभियान केंद्र पहुंचे। उन्होंने लोगों को राहत उपलब्ध कराने के लिए उठाये गये कदमों की समीक्षा करने के वास्ते शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक की।
'गुजरात की ओर चक्रवात के बढ़ने की गति कम पड़ गई है'
भारत मौसम विज्ञान विभाग के नवीनतम अनुमानों का उल्लेख करते हुए राज्य राहत आयुक्त आलोक कुमार पांडे ने मुख्यमंत्री को सूचना दी कि गुजरात की ओर चक्रवात के बढ़ने की गति कम पड़ गई है।विज्ञप्ति के अनुसार, नतीजतन यह शाम के बजाय बृहस्पतिवार रात करीब नौ बजे से लेकर 10 बजे के बीच, 115 किलोमीटर (किमी) प्रति घंटा से लेकर 125 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तट से टकराएगा।
'एक प्रचंड तूफान के रूप में जखौ बंदरगाह के नजदीक समुद्र तट से टकराएगा'
विज्ञप्ति में कहा गया है, 'बिजली गुल होने की स्थिति में राज्य जलापूर्ति विभाग ने कच्छ, द्वारका और जामनगर जिलों में 25 तथा मोरबी में पांच जेनरेटर सेट तैयार रखे हैं।' मौसम विभाग ने यह भी कहा कि चक्रवात बृहस्पतिवार को एक प्रचंड तूफान के रूप में जखौ बंदरगाह के नजदीक समुद्र तट से टकराएगा।
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