North Eastern Council: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को शिलांग में उत्तरपूर्वी परिषद (NEC) की 73वीं पूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। इस अवसर पर केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, राज्यपाल सी.एच. विजय शंकर, मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा, केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजुमदार सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
'विकसित नॉर्थईस्ट का हो रहा निर्माण'
इस बैठक में अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, त्रिपुरा, मिज़ोरम, नागालैंड और सिक्किम के राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री भी शामिल हुए। इस दौरान, अमित शाह ने कहा, ''विगत 12 साल में पीएम मोदी के नेतृत्व में नॉर्थईस्ट पर फोकस के साथ विकास किया गया है। उस नींव पर विकसित नॉर्थईस्ट का निर्माण हो रहा है और पिछले 12 साल में पूर्वोत्तर के सभी राज्यों में गुणात्मक परिवर्तन आया है।''
'12 साल में 12 से अधिक हुए शांति समझौते'
अमित शाह ने कहा कि पीएम मोदी के अलावा शायद ही कोई ऐसा प्रधानमंत्री रहा होगा, जिसने नॉर्थईस्ट पर इतने फोकस तरीके से काम किया हो। उन्होंने कहा कि अच्छी कानून व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द्र के आधार पर ही विकास की नींव रखी जा सकती है। पिछले 12 साल में 12 से अधिक शांति समझौते कर नॉर्थईस्ट में विवादों का समाधान किया गया और 10 हज़ार 800 से अधिक युवाओं को हथियार डालने के बाद मेनस्ट्रीम में लाया गया।
अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने नॉर्थईस्ट को इन्सर्जेंसी से मुक्त करा दिया है। नॉर्थईस्ट में पिछले 12 साल में सुनियोजित रूप से इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास किया गया है और विकसित रेल, रोड़ और एयर कनेक्टिविटी से दिल्ली और नॉर्थईस्ट के बीच की दूरी कम हुई है। मोदी सरकार के 12 साल में नॉर्थईस्ट के इन्फ्रास्ट्रक्चर में कई गुना विकास हुआ है। उन्होंने कहा, ''पीएम मोदी ने दिल्ली और नॉर्थईस्ट के बीच न सिर्फ भौगोलिक दूरी कम की है, बल्कि दिलों की दूरी को भी कम करने का काम किया है।''
