पश्चिम बंगाल में सुवेंदु अधिकारी के सीएम बनते ही अवैध घुसपैठ के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। भाजपा सरकार के सत्ता में आते ही राज्य में घुसपैठियों की पहचान और निगरानी के लिए होल्डिंग सेंटर बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसी क्रम में मुर्शिदाबाद जिले के लालगोला स्थित ‘पद्मा भवन’ को होल्डिंग सेंटर में तब्दील किया गया है, जहां फिलहाल तीन बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में रखा गया है।
पद्मा भवन में रखे जाएंगे घुसपैठिए
प्रशासन को जिले में होल्डिंग सेंटर स्थापित करने का निर्देश मिलते ही पद्मा भवन को तेजी से तैयार किया गया। सेंटर के भीतर पंखे और लाइटें चालू होने से यह स्पष्ट है कि सुविधा ने काम करना शुरू कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, यहां उन लोगों को रखा जाएगा जिनकी नागरिकता और दस्तावेजों की जांच चल रही है।
मुर्शिदाबाद जिले में अवैध घुसपैठ लंबे समय से बड़ा मुद्दा
सीमा से सटे मुर्शिदाबाद जिले में अवैध घुसपैठ लंबे समय से बड़ा मुद्दा रहा है। ऐसे में सरकार की यह पहल सुरक्षा और पहचान सत्यापन के लिहाज से अहम मानी जा रही है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि जरूरत पड़ने पर अन्य जिलों में भी इसी तरह के होल्डिंग सेंटर बनाए जा सकते हैं।
सीएम बनते ही अवैध घुसपैठ को लेकर सुवेंदु सख्त
इससे पहले, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को अवैध घुसपैठ को लेकर बड़ा ऐलान किया था। उन्होंने साफ कहा था कि “पता लगाओ, हटाओ और निर्वासित करो” तंत्र लागू कर घुसपैठियों को राज्य से बाहर किया जाएगा। अवैध प्रवासन पर सख्त रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा था कि अब राज्य पुलिस द्वारा पकड़े गए घुसपैठियों को सीधे बीएसएफ को सौंपा जाएगा। उन्होंने कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के दायरे में नहीं आने वाले लोगों को घुसपैठिया माना जाएगा और बाद में उन्हें देश से निर्वासित किया जाएगा।
