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हिंडनबर्ग केस: लोकपाल ने पूर्व सेबी प्रमुख माधबी पुरी बुच को दी क्लीन चिट, कहा-कोई ठोस सबूत नहीं

माधबी पुरी बुच ने दो मार्च, 2022 को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के प्रमुख के रूप में पदभार संभाला था। कार्यकाल पूरा होने के बाद वह 28 फरवरी को पद से हट गईं। वहीं हिंडनबर्ग रिसर्च के संस्थापक ने इस साल जनवरी में कंपनी के बंद होने की घोषणा की थी।

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लोकपाल ने पूर्व सेबी प्रमुख माधबी पुरीबुच को दी ‘क्लीन चिट' (फाइल फोटो)

Photo : PTI

भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतों की जांच करने वाली संस्था लोकपाल ने बुधवार को हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट के आधार पर बाजार नियामक सेबी की पूर्व प्रमुख माधबी पुरी बुच के खिलाफ अनुचित व्यवहार और हितों के टकराव का आरोप लगाने वाली शिकायतों को खारिज कर दिया है। उसने कहा कि आरोप पूरी तरह से धारणा पर आधारित है और उसके समर्थन में कोई ठोस सबूत नहीं हैं।

क्या था आरोप

लोकपाल ने कहा कि पिछले साल दर्ज की गई तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा समेत अन्य सभी की शिकायतें मूल रूप से एक निवेश कंपनी की रिपोर्ट पर आधारित थीं। हिंडनबर्ग रिसर्च ने 10 अगस्त, 2024 को प्रकाशित अपनी रिपोर्ट में आरोप लगाया कि बुच और उनके पति के पास अस्पष्ट विदेशी कोष में हिस्सेदारी थी, जिसका उपयोग अदाणी समूह से संबंधित कोष की कथित हेराफेरी में किया गया। उन्होंने आरोपों से इनकार करते हुए कहा था कि हिंडनबर्ग ने पूंजी बाजार नियामक की विश्वसनीयता पर हमला किया और चरित्र हनन का प्रयास किया।

लोकपाल ने क्या कहा

लोकपाल ने बुधवार को अपने आदेश में कहा, ‘‘शिकायतों में लगाए गए आरोप अनुमानों और धारणाओं पर आधारित हैं और उसके पक्ष में कोई ठोस सबूत नहीं है तथा अपराध की कोई बात नजर नहीं आ रही...।’’ लोकपाल चेयरपर्सन न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर की अध्यक्षता वाली छह सदस्यीय पीठ ने आदेश में कहा कि इसको देखते हुए इन शिकायतों का निपटान किया जाता है। लोकपाल ने इस संबंध में पहले के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि हिंडनबर्ग रिपोर्ट को बुच के खिलाफ कार्रवाई बढ़ाने का एकमात्र आधार नहीं बनाया जा सकता। आदेश में कहा गया, ‘‘शिकायतकर्ताओं ने... कथित रिपोर्ट से स्वतंत्र होकर आरोपों को स्पष्ट करने का प्रयास किया, लेकिन हमारे विश्लेषण से यह निष्कर्ष निकला कि वे प्रमाणिक नहीं हैं।’’

माधवी बुच ने क्या कहा था

लोकपाल ने पिछले साल आठ नवंबर को लोकसभा सदस्य मोइत्रा और दो अन्य की तरफ से दायर शिकायतों पर बुच से ‘स्पष्टीकरण’ मांगा था। पूंजी बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) की पूर्व प्रमुख बुच को चार सप्ताह के भीतर अपना जवाब देने के लिए कहा गया था।

बुच ने सात दिसंबर, 2024 को हलफनामे के माध्यम से अपना जवाब दाखिल किया था। उसमें उन्होंने कुछ मुद्दे उठाए थे और आरोपों के बारे में स्पष्टीकरण भी दिया था। लोकपाल ने पिछले साल 19 दिसंबर को बुच और शिकायतकर्ताओं को मौखिक सुनवाई का अवसर देने का फैसला किया था, ताकि वह अपना पक्ष स्पष्ट कर सकें।

PTI की रिपोर्ट

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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