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Himachal Pradesh: नेशनल हाईवे-5 पर लैंडस्लाइड, शिमला से पूरी तरह कटा किन्नौर

Himachal Pradesh Weather: हिमाचल प्रदेश का जनजातीय जिला किन्नौर फिर से राजधानी शिमला से कट गया है। यहां पर शिमला-किन्नौर नेशनल हाईवे-5 पर फिर से निगुलसरी में पहाड़ी से भारी लैंडस्लाइड हो गया, जिससे हाईवे पूरी तरह से बंद हो गया है।

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किन्नौर-शिमला नेशनल हाईवे पर भूस्खलन।

Photo : Times Now Digital

Himachal Pradesh Weather: हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश का कहर जारी है। यहां बारिश के कारण कई जगहों पर लैंडस्लाइड हुआ है, जिस कारण लोगों को भारी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। खबर है कि हिमाचल का जनजातीय जिला किन्नौर फिर से राजधानी शिमला से कट गया है। यहां पर शिमला-किन्नौर नेशनल हाईवे-5 पर फिर से निगुलसरी में पहाड़ी से भारी लैंडस्लाइड हो गया। इससे हाईवे बंद हो गया है। बताया जा रहा है कि दोपहर तक इस हाइवे के फिर से शुरू होने की संभावना है।

अधिकारियों के मुताबिक, भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ से हिमाचल प्रदेश के कई जिले प्रभावित हैं। यहां दो नेशनल हाईवे समेत 197 सड़कें बंद हैं। अधिकारियों के मुताबिक ऊना के कई इलाकों में जलभराव हो गया और चंबा, मंडी, किन्नौर, शिमला, सिरमौर और सोलन जिलों में अचानक बाढ़ और भूस्खलन की सूचना आई हैं। उन्होंने बताया कि 27 जून से 12 अगस्त के बीच बारिश से संबंधित घटनाओं में कम से कम 110 लोगों की मौत हुई है और राज्य को लगभग 1,004 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

बारिश को लेकर अलर्ट जारी

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने बताया कि शिमला में 66 सड़कें, सिरमौर में 58, मंडी में 33, कुल्लू में 26, किन्नौर और लाहौल-स्पीति में पांच-पांच तथा कांगड़ा जिले में चार सड़कें बंद हैं। इसमें कहा गया है कि सोमवार को 221 बिजली और 143 जलापूर्ति योजनाएं भी बाधित रहीं। क्षेत्रीय मौसम विभाग कार्यालय ने शनिवार तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश के लिए 'येलो' अलर्ट जारी किया है और मंगलवार तक चंबा, किन्नौर, सिरमौर और शिमला जिलों के कुछ हिस्सों में हल्के से मध्यम स्तर की बाढ़ का खतरा भी जताया है। मौसम विभाग ने बताया कि रविवार शाम से नागल बांध में 115 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि कसौली में 87 मिमी, ऊना में 56 मिमी, नैना देवी में 82.2 मिमी, ओलिंडा में 79 मिमी, जटोन बैराज में 75.4 मिमी, नादौन में 72.5 मिमी, पावंटा साहिब में 62 मिमी, सुजानपुर टीरा में 60.6 मिमी और धौलाकुआं में 56.5 मिमी बारिश दर्ज की गई।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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