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रेलवे में सिर्फ ‘हलाल मीट’ परोसे जाने पर उठे सवाल, NHRC की शिकायत पर क्या बोले रेल मंत्री?

Halal Meat In Indian Railway: भारतीय रेल में सिर्फ हलाल मीट परोसे जाने की शिकायतों पर NHRC ने रेलवे बोर्ड को नोटिस भेजकर दो हफ्ते में जवाब मांगा है। आरोप था कि हलाल मीट को अनिवार्य बनाकर गैर-मुस्लिम यात्रियों की पसंद और कुछ समुदायों के आजीविका अधिकार पर असर पड़ रहा है। विवाद के बाद रेलवे और IRCTC ने सफाई देते हुए कहा कि ट्रेनों में हलाल मीट अनिवार्य नहीं है।

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ट्रेन में सिर्फ हलाल मीट परोसे जाने पर एनएचआरसी ने रेल मंत्रालय को भेजा नोटिस।(फोटो सोर्स: istock)

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Halal Meat In Indian Railway: भारतीय रेल में परोसे जाने वाले नॉन-वेज भोजन को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। शिकायतों में आरोप लगाया गया कि ट्रेनों में सिर्फ हलाल मीट से बने खाद्य पदार्थ ही सप्लाई किए जा रहे हैं। इस मामले में लीगल राइट्स ऑब्जर्वेटरी और डॉ. अंबेडकर जनकल्याण समिति की ओर से शिकायत दर्ज होने के बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने रेलवे बोर्ड के चेयरमैन को नोटिस भेजते हुए दो हफ्ते में जवाब मांगा है।

शिकायत में कहा गया कि हलाल प्रोसेस्ड मीट को अनिवार्य बनाना न केवल हिंदू अनुसूचित जाति समुदाय के आजीविका अधिकार का हनन है, बल्कि गैर-मुस्लिम यात्रियों के भोजन चुनने के अधिकार पर भी असर डालता है।

रेलवे की सफाई: हलाल मीट का कोई नियम नहीं

विवाद बढ़ने के बाद रेलवे ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए स्पष्ट किया कि ट्रेनों में सिर्फ़ हलाल मीट परोसने का कोई निर्देश नहीं है।

रेलवे ने कहा कि, "नॉन-वेज भोजन मुख्य रूप से चिकन होता है, जिसे फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट 2006 के तहत तय मानकों के अनुसार तैयार और सप्लाई किया जाता है। कैटरिंग ठेकेदारों या विक्रेताओं के लिए केवल FSSAI के मानकों का पालन अनिवार्य है, न कि किसी धार्मिक प्रमाणन का।"

IRCTC ने भी दोहराया कि ट्रेन में दिया जाने वाला खाना सरकारी फूड स्टैंडर्ड्स के अनुसार होता है और किसी भी तरह का धार्मिक सर्टिफिकेशन अनिवार्य नहीं है। रेलवे ने बताया कि जुलाई 2023 में इस तरह की जानकारी मांगे जाने पर भी स्पष्ट रूप से कहा गया था कि परोसा जाने वाला नॉन-वेज भोजन केवल FSSAI के अनुसार होता है, न कि हलाल प्रमाणन पर आधारित।

हालिया मीडिया रिपोर्ट्स में NHRC नोटिस का उल्लेख होने के बाद रेलवे ने फिर दोहराया कि ट्रेन में परोसा जाने वाला मीट हलाल होना जरूरी नहीं है और न ही इस संबंध में कोई नियम मौजूद है।

रेलवे ने साफ कर दिया है कि ट्रेनों में हलाल मीट को अनिवार्य करने की बात गलत है। रेलवे और IRCTC केवल सरकार द्वारा तय किए गए फूड सेफ्टी मानकों का पालन करते हैं।

रेल मंत्री ने दिए जांच के आदेश

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के नोटिस पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का बयान आया है. उन्होंने इस पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का कहना है कि रेलवे के किसी भी नियम में हलाल सर्टिफिकेट का कोई कोई रिक्वायमेंट नहीं है. रेलवे कभी भी किसी किसी भी हलाल सर्टिफिकेट की डिमांड नहीं करती है। यह पुराने किसी वीडियो के आधार पर हुआ है।

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bhawana gupta
भावना किशोर author

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर मूल की भावना ने देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIMC से 2014 में पत्रकारिता की पढ़ाई की. 12 सालों से मीडिया में काम कर रही हैं. न्यू... और देखें

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