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Gutkha Ban: इस राज्य में भूल जाइए 'गुटखे' और 'पान मसाले' का शौक! सरकार ने कर दिया बैन

Jharkhand Gutkha and Pan Masala Ban: झारखंड सरकार ने गुटखा और पान मसाला पर एक साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य के लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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झारखंड में गुटखा पान मसाला बैन

KEY HIGHLIGHTS
  1. झारखंड में गुटखा व तंबाकू युक्त पान मसाला के उत्पादन, वितरण, बिक्री और भंडारण पर पूर्ण प्रतिबंध
  2. झारखंड राज्य में ओरल कैंसर मरीजों की बढ़ती संख्या पर चिंता
  3. स्वास्थ्य विभाग ने इससे संबंधित नोटिफिकेशन जारी कर दिया है

Gutkha and Pan Masala Ban in Jharkhand: झारखंड सरकार ने राज्य में गुटखा और निकोटिन एवं तंबाकू युक्त पान मसाला के उत्पादन, वितरण, बिक्री और भंडारण पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने इससे संबंधित नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। यह प्रतिबंध नोटिफिकेशन जारी होने की तिथि से अगले एक साल तक के लिए प्रभावी होगा। बताया गया है कि स्थिति की समीक्षा के बाद प्रतिबंध की अवधि आगे भी बढ़ाई जाएगी। झारखंड में इसके पहले वर्ष 2020 में भी गुटखा और पान मसाला के 11 ब्रांडों पर प्रतिबंध लगाया गया था, जो वर्ष 2023 के जून महीने तक प्रभावी था। करीब डेढ़ साल से प्रतिबंध निष्प्रभावी था।

इस बार गुटखा के साथ-साथ निकोटिन और तंबाकू युक्त सभी तरह के पान मसाला पर प्रतिबंध लगाया गया है।स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव और राज्य खाद्य सुरक्षा आयुक्त अजय कुमार सिंह के हस्ताक्षर से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, 'यह प्रतिबंध फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के सेक्शन 30 (2)(ए) और फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (प्रोहिबिशन एंड रिस्ट्रिक्शन ऑन सेल्स) रेगुलेशन, 2011 के रेगुलेशन 2, 3 और 4 के तहत लगाया गया है। सरकार ने संबंधित विभाग को इस प्रतिबंध के बारे में संचार माध्यमों में आम सूचना जारी करने का निर्देश दिया है। किसी भी दुकान में गुटखा और तंबाकू या निकोटिन युक्त पान मसाला बिकता हुआ पाया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।'

ास्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि राज्य के सभी सिविल सर्जनों और संबंधित सक्षम अधिकारियों को निर्देश दिया जा रहा है कि वे सरकार की ओर से लागू किए जा रहे प्रतिबंधों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित कराएं।

राज्य में एक लाख की आबादी पर करीब 70 लोग कैंसर पीड़ित

स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने पूर्व में ही कहा था कि राज्य की युवा पीढ़ी के स्वास्थ्य और हितों को ध्यान में रखकर पान मसाला पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। कैंसर दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने राज्य में ओरल कैंसर मरीजों की बढ़ती संख्या पर चिंता जाहिर करते हुए कहा था कि राज्य में एक लाख की आबादी पर करीब 70 लोग कैंसर पीड़ित हैं। इनमें 40-45 मरीज ओरल कैंसर से पीड़ित हैं और इसकी मुख्य वजह तंबाकू और गुटखा है।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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