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Video : चंद सेकेंड में जमींदोज हो गया 85 मीटर ऊंचा कूलिंग टावर, नोएडा के ट्वीन टावर की याद हुई ताजा

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated Mar 21, 2023, 04:19 PM IST

नोए़डा के सेक्टर 93ए स्थित सुपरटेक के ट्विन टावर को नियंत्रित्र विस्फोट के जरिए 27 अगस्त को गिराया गया। भ्रष्टाचार के मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ट्विन टावर को गिराने की प्रक्रिया शुरू हुई। गुजरात में इससे पहले गांधीनगर में ऐसे ही ऊंचे बिजली के टॉवर को विस्फोटक के जरिए धवस्त किया गया था।

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सूरत में नियंत्रित विस्फोट से गिराया गया टावर।

Photo : ANI

Surat News : गुजरात के सूरत में मंगलवार को 30 साल पुराने एक कूलिंग टावर को नियंत्रित विस्फोट के जरिए गिरा दिया गया। यह कूलिंग टावर सूरत के उत्राण पावर स्टेशन में स्थित था। कंकरीट से बना यह टावर 85 मीटर ऊंचा और इसका डॉयमीटर करीब 72 मीटर का था। बताया गया कि नियंत्रित विस्फोट के महज सात सेकेंड के भीतर यह टावर जमीन में समा गया। टावर गिरना देखने के लिए आस-पास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोग जुटे थे। यह घटना लोगों को नोएडा के ट्विन टावर की याद गई।

अगस्त 2022 में नोएडा में गिरा ट्विन टावर

नोए़डा के सेक्टर 93ए स्थित सुपरटेक के ट्विन टावर को नियंत्रित्र विस्फोट के जरिए 27 अगस्त को गिराया गया। भ्रष्टाचार के मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ट्विन टावर को गिराने की प्रक्रिया शुरू हुई। गुजरात में इससे पहले गांधीनगर में ऐसे ही ऊंचे बिजली के टॉवर को विस्फोटक के जरिए धवस्त किया गया था।

टावर गिराने में हुआ 220 KG विस्फोटक का इस्तेमाल

इस टावर को सुबह 11 बजकर 10 मिनट पर गिराया गया। अधिकारियों ने बताया कि टावर गिराने में 220 किलोग्राम विस्फोटकों का इस्तेमाल हुआ। विस्फोट के महज सात सेकेंड के भीतर भारी आवाज के साथ यह नीचे गिरा। जमींदोज होते ही नीचे से धूल एवं गुबार की एक मोटी परत ऊपर उठी। टावर गिराते समय पर्यावरण एवं लोगों को नुकसान न पहुंचे, प्रशासन की तरफ से इसके भी बंदोबस्त किए गए थे।

एक्सपर्ट की मदद से लगाए गए विस्फोटक

तापी नदी के पास स्थित इस टावर तक लोग न पहुंचे इसिलए 250 से 300 मीटर की दूरी पर बैरिकेडिंग की गई थी। एक अधिकारी ने बताया कि टावर के नीचे विस्फोटक लगाने में एक्सपर्ट की मदद ली गई थी। इस टावर को इस्तेमाल कूलिंग के लिए किया जाता था। अधिकारी ने बताया कि 375 मेगावाट की क्षमता वाला एवं गैस आधारित बिजली संयंत्र सुचारु रूप से चल रहा है।

आलोक कुमार राव
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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