Shashi Tharoor: कांग्रेस नेता शशि थरूर ने गुरुवार को कहा कि वह देश में भारतीय लोकतंत्र के संस्थापक और पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के प्रशंसक हैं लेकिन उनकी यह प्रशंसा आलोचना के बगैर नहीं है। थरूर ने कहा कि नेहरू की 'गलतियों' को स्वीकारा जाना चाहिए लेकिन देश की सभी समस्याओं के लिए केवल वही जिम्मेदार हैं, न्यायोचित नहीं है। थरूर ने यह बात केरल विधानसभा इंटरनेशनल बुक फेस्टिवल (केएलआईबीएफ) के चौथे संकरण को संबोधित करते हुए कही।
जाहिर तौर पर भाजपा नेहरू विरोधी है-थरूर
थरूर ने कहा, 'मैं जवाहरलाल नेहरू का प्रशंसक हूं लेकिन मैं ऐसा प्रशसंक हूं जो कि उनकी आलोचना भी करता है। मैं उनके विवेक और नजरिए की बहुत तारीफ करता हूं और उनके लिए मेरे मन में बहुत सम्मान है लेकिन मैं उनके नीतियों एवं सोच का 100 फीसदी समर्थन नहीं कर सकता। उन्होंने कुछ ऐसी चीजें की हैं जो बहुत ही प्रशंसा की पात्र हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि यह नेहरू ही थे जिन्होंने भारत में लोकतंत्र को दृढ़ता से स्थापित किया। मैं यह नहीं कह रहा कि मोदी सरकार अ-लोकतांत्रिक है लेकिन जाहिर तौर पर वह नेहरू विरोधी है। नेहरू सविधा के अनुसार बिल का बकरा बनाया जाता है।'
1962 के युद्ध के लिए नेहरू आंशिक रूप से जिम्मेदार
1962 के भारत-चीन युद्ध को याद करते हुए ने कांग्रेस नेता ने कहा 'कुछ मामलों में मोदी सरकार की आलोचना का एक जायज आधार हो सकता है, जैसे कि 1962 में चीन से हार के लिए नेहरू के कुछ निर्णयों को आंशिक रूप से जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।' भाजपा पर निशाना साधते हुए थरूर ने कहा कि लेकिन वे सभी चीजों के लिए नेहरू को जिम्मेदार बताते हैं।
'बहुत कम्र उम्र से ही किताबें पढ़ता था'
इसके अलावा, थरूर ने अपने बचपन की यादें साझा कीं, जब वे बहुत कम उम्र में ही किताबें पढ़ा करते थे। उन्होंने बताया कि उन्होंने एक उपन्यास भी लिखा था, जो स्याही गिरने से खराब हो गया था। उन्होंने यह भी कहा कि केरल में आज भी पढ़ने की संस्कृति बहुत अच्छी है। उन्होंने अपने कॉलेज के दिनों को याद करते हुए बताया कि उन्होंने एक नाटक में अभिनय भी किया था।
