देश की राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्रों में डेंगू से निपटने के लिए केंद्र सरकार पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा ने दिल्ली-NCR की स्थिति को लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक की और सभी राज्यों को सख्त निर्देश दिए। स्वास्थ्य मंत्री JP नड्डा ने बताया कि 2025 में डेंगू के मामलों में 47% की कमी आई है, और मौतें 73% तक कम हुई हैं। यह आंकड़े दिखाते हैं कि अगर सरकार और समाज मिलकर काम करें, तो किसी भी बीमारी पर काबू पाया जा सकता है।
बारिश और जलभराव को बताया डेंगू का कारण
इस साल लंबे समय तक चली बारिश और जगह-जगह हुए जलभराव को डेंगू फैलने की मुख्य वजह बताया गया है। ऐसे में सभी राज्य सरकारों से कहा गया है कि वे जल निकासी की व्यवस्था सुधारें और मच्छरों के पनपने से रोकने के लिए घर-घर जागरूकता अभियान चलाएं।
अस्पताल तैयार, निगरानी तेज
सभी अस्पतालों को निर्देश दिए गए हैं कि वे डेंगू मरीजों के लिए पर्याप्त बेड, ब्लड बैंक और दवाएं तैयार रखें। रैपिड रिस्पॉन्स टीमें बनाकर तुरंत हरकत में लाने के निर्देश भी दिए गए हैं।स्कूल, कॉलोनियों और दुकानों में जागरूकता फैलाने पर खास ज़ोर दिया जा रहा है।
दिल्ली-NCR में डेंगू को लेकर सरकार सतर्क और सक्रिय है। अस्पताल, नगर निगम और आम जनता सभी की भागीदारी जरूरी है। साफ-सफाई और जन-जागरूकता से ही डेंगू को रोका जा सकता है।स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, 'डेंगू से लड़ाई सिर्फ सरकार की नहीं है। हर नागरिक को अपना योगदान देना होगा। अपने घर, मोहल्ले और आसपास साफ-सफाई रखें। पानी जमा न होने दें। अगर हम सब साथ आएंगे, तो डेंगू को हराना मुश्किल नहीं।'
इस बैठक में दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुन्य सलीला श्रीवास्तव, दिल्ली नगर निगम के महापौर राजा इकबाल सिंह, और गाज़ियाबाद नगर निगम की महापौर सुनीता दयाल उपस्थित रहे।उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य प्रमुख सचिव पार्थ सारथि सेन शर्मा, दिल्ली स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव निखिल कुमार दिल्ली की विशेष सचिव डॉ. तपस्या राघव, दिल्ली शहरी विकास सचिव विजय कुमार बिधूड़ी,हरियाणा शहरी विकास सचिव विकास गुप्ता AIIMS नई दिल्ली के निदेशक डॉ. एम. श्रीनिवास, साथ ही दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद के आयुक्तगण, नोएडा के सीईओ, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय, NCR राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी, तथा सफदरजंग, RML और LHMC अस्पतालों के प्रतिनिधि भी बैठक में मौजूद रहे।
