देश

विमानों में अब नहीं जाएगा इस प्रकार का सामान, सरकार ने जारी किए नए विमान नियम

Dangerous goods on aircraft: नियमों में खतरनाक वस्तु की आवाजाही की जानकारी देने संबंधी ढांचे को कड़ा किया गया है। ये नियम अघोषित या गलत जानकारी देकर खतरनाक वस्तुओं को विमान में लेकर जाने से जुड़े हैं।

Image

विमानों में अब नहीं जाएगा इस प्रकार का सामान, सरकार ने जारी किए नए विमान नियम

New rules for carrying Dangerous goods on aircraft: नागर विमानन मंत्रालय ने विमान में खतरनाक वस्तुओं को ले जाने के बारे में संशोधित नियम अधिसूचित कर दिए हैं। इनमें ऐसी वस्तुओं की साज-संभाल के लिए प्रमाणन-आधारित और जवाबदेही-आधारित व्यवस्था का प्रावधान किया गया है।

खतरनाक वस्तुओं से आशय उन वस्तुओं या पदार्थों से है जो स्वास्थ्य, सुरक्षा, संपत्ति या पर्यावरण के लिए जोखिम उत्पन्न कर सकते हैं।

नियमों में खतरनाक वस्तु की आवाजाही की जानकारी देने संबंधी ढांचे को कड़ा किया गया है। ये नियम अघोषित या गलत जानकारी देकर खतरनाक वस्तुओं को विमान में लेकर जाने से जुड़े हैं। नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) को इन वस्तुओं के प्रबंधन में चूक के मामलों में जांच के आदेश देने का अधिकार मिला है।

'विमान (खतरनाक वस्तुओं का परिवहन) नियम, 2026' को हितधारकों से परामर्श के बाद 17 फरवरी को अधिसूचित किया गया। विमानन उद्योग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि खतरनाक वस्तुओं के परिवहन से संबंधित 2003 के नियम पूर्ववर्ती विमान अधिनियम के तहत बनाए गए थे और मुख्यतः अंतरराष्ट्रीय नागर विमानन संगठन के मानकों के अनुरूप परिचालन अनुपालन विनियमों के रूप में कार्य करते थे।

इस अधिकारी ने 'PTI' से कहा कि नए नियम समग्र दृष्टिकोण को अनुपालन-उन्मुख ढांचे से हटाकर प्रमाणन-आधारित और जवाबदेही-आधारित व्यवस्था की ओर ले जाते हैं। इसमें सुस्पष्ट निगरानी चक्र, औपचारिक स्वीकृतियां तथा व्यवस्थित प्रवर्तन शक्तियां शामिल हैं।

अन्य प्रावधानों के तहत भारतीय एयरलाइंस को खतरनाक वस्तुओं के परिवहन के लिए DGCA से प्रमाणन लेना जरूरी होगा। साथ ही, विदेशी विमानन कंपनियों को भारत से और भारत के लिए खतरनाक वस्तु ले जाने के लिए पूर्व-अनुमति लेनी होगी।

ओवरपैक के मायने क्या?

नियमों के मुताबिक, 'कोई भी शिपर या उसका एजेंट हवाई परिवहन के लिए किसी भी खतरनाक वस्तु के पैकेज या 'ओवरपैक' की पेशकश तब तक नहीं करेगा जब तक यह सुनिश्चित न कर ले कि ऐसी खतरनाक वस्तुएं हवाई परिवहन के लिए निषिद्ध नहीं हैं और उन्हें तकनीकी निर्देशों में निर्दिष्ट शर्तों के अनुरूप सही ढंग से चिह्नित, वर्गीकृत, पैक और लेबल नहीं किया गया है।' बता दें कि 'ओवरपैक' में किसी शिपर कंपनी द्वारा एक या अधिक पैकेज को एक साथ रखा जाता है, ताकि उन्हें संभाल पाना और रखना आसान हो।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

और पढ़ें
End of Article