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रेल यात्री, कृपया ध्यान दें! ये लोग पाएंगे 10 गुना ज्यादा मुआवजा, रेलवे का बड़ा फैसला

  • Authored by: रामानुज सिंह
  • Updated Sep 21, 2023, 02:39 PM IST

Train Accident Compensation Increased: भारतीय रेलवे ने ट्रेन एक्सीडेंट में किसी की मौत होने या घायल होने पर मिलने वाली सहायता राशि 10 गुना बढ़ा दी है। यह 18 सितंबर से यानी सर्कुलर जारी होने की तारीख से लागू होगा।

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ट्रेन हादसे के पीड़ितों के मुआवजे में हुई बढ़ोतरी (तस्वीर-PTI)

Train Accident Compensation Increased: भारतीय रेलवे ने ट्रेन हादसे के पीड़ितों के लिए राहत भुगतान में संशोधन किया है। ट्रेन एक्सीडेंट मौत के मामले में सहायता 50,000 रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर दी गई है। गंभीर चोट और साधारण चोट के मामले में भी संशोधन किए गए हैं। राहत भुगतान को आखिरी बार वर्ष 2012 और 2013 में संशोधित किया गया था। मौत के मामले में राहत सहायता 50,000 रुपए से बढ़ाकर 5 रुपए लाख कर दी गई है। गंभीर चोट की स्थिति में सहायता राशि 25,000 रुपए से बढ़ाकर 2.5 लाख रुपए कर दी गई है। साधारण चोट की स्थिति में राशि बढ़ाकर 50,000 रुपए कर दी गई है। पहले ये रकम क्रमश: 50,000 रुपये, 25,000 रुपये और 5,000 रुपये थी। संशोधित राहत राशि उन सड़क चलने वालों पर भी लागू होगी जो मानवयुक्त लेवल क्रॉसिंग गेट दुर्घटना के लिए रेलवे की प्रथम दृष्टया देयता के कारण दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं।

अगर दुर्घटना के कारण गंभीर रूप से घायल रेल यात्री को 30 दिनों से अधिक समय तक अस्पताल में भर्ती रहने की आवश्यकता होती है तो प्रत्येक 10 दिन की अवधि के अंत या छुट्टी की तारीख, जो भी पहले हो, उस पर 3000 रुपए प्रति दिन का अतिरिक्त भुगतान जारी किया जाएगा। दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं में यात्रियों की गंभीर चोटों के मामले में जिसमें 30 दिनों से अधिक समय तक अस्पताल में भर्ती रहने की आवश्यकता होती है प्रत्येक 10 दिन के अंतराल के बाद या छुट्टी पर, जो भी पहले हो, प्रति दिन 1,500 रुपए की अतिरिक्त राहत सहायता राशि दी जाएगी।

यह सहायता अस्पताल में भर्ती होने के अतिरिक्त 6 महीने तक जारी रहेगी। इसके बाद, अस्पताल में भर्ती रहने के अगले पांच महीनों के लिए प्रत्येक 10 दिन के अंतराल या छुट्टी की तारीख, जो भी पहले हो के अंत में 750 रुपए प्रति दिन प्रदान किए जाएंगे। मानवरहित लेवल क्रॉसिंग पर दुर्घटनाओं में शामिल व्यक्तियों, अतिचारियों, या ओएचई (ओवरहेड उपकरण) इलेक्ट्रोक्यूशन से प्रभावित लोगों को कोई राहत भुगतान नहीं दिया जाएगा।

रेलवे अधिनियम 1989 में ट्रेन दुर्घटनाओं और अप्रिय घटनाओं में यात्रियों की मौत या चोट के लिए मुआवजा दायित्व निर्धारित किया गया है। अपडेटेड राहत भुगतान पीड़ितों और उनके परिवारों को वित्तीय सहायता देने के लिए एक अतिरिक्त उपाय का प्रतिनिधित्व करते हैं। सर्कुलर में कहा गया है कि किसी अप्रिय घटना में मृत व्यक्ति के आश्रितों, गंभीर रूप से घायल और साधारण रूप से घायल यात्रियों को क्रमशः 1.5 लाख रुपए, 50,000 रुपये और 5,000 रुपये मिलेंगे। पहले की स्कीम में यह राशि क्रमशः 50,000 रुपए, 25,000 रुपए और 5,000 रुपए थी।

रामानुज सिंह
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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