Go First Flights : आर्थिक संकट के चलते अगले तीन दिन के लिए गो फर्स्ट की उड़ानें रद्द हो गई हैं। इसके विमान दिल्ली एयरपोर्ट पर खड़े हैं। गो फर्स्ट की उड़ाने रद्द होने से सैंकड़ों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोग सोशल मीडिया के जरिए अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं। इस बीच नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने भी गो फर्स्ट को नोटिस जारी कर उससे जवाब मांगा है।
तीन दिन तक उडा़नें रद्द
गो फर्स्ट ने 3, 4 और 5 मई को अपनी सभी फ्लाइट्स सस्पेंड कर दी हैं। वाडिया ग्रुप की गो फर्स्ट के सामने नकदी की भारी दिक्कत आ गई है, जिसके चलते उसने ये फैसला लिया है। इस खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है जिन्होंने कई दिन पहले टिकट बुक कराई थी। वहीं, डीजीसीए ने यात्रियों को हो रही परेशानी के मद्देनजर एयरलाइंस को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसमें कहा गया है कि एयरलाइंस ने बिना सूचना के उड़ाने रद्द करने का फैसला लिया है। वह तय शेड्यूल का पालन करने में नाकाम रहा है जिससे यात्रियों को भारी परेशानी हो रही है। ये नियमों के खिलाफ है। क्यों न उसके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की जाए। साथ ही एयरलाइंस से यात्रियों को होने वाली परेशानी से निपटने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी मांगी है।
यात्रियों का गुस्सा भड़का
अचानक उड़ानें रद्द होने से यात्रियों का गुस्सा भड़क उठा है। अपनी यात्रा की तैयार कर रहे लोगों की इसकी जानकारी अचानक ही मिली। यात्रियों को दूसरे विकल्प तलाशने का मौका और समय ही नहीं मिला। एयरपोर्ट पहुंचे तो अफरातफरी का माहौल था। इससे भड़के यात्रियों ने जमकर अपना गुस्सा निकाला। ऐसे लोग सोशल मीडिया पर लगातार अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं। राजकुमार नाम के शख्स ने लिखा- गो फर्स्ट दुनिया की सबसे खराब एयरलाइंस है। वहीं, प्रवीण नाम के यूजर ने लिखा- अब से कभी गो एयरलाइंस में टिकट बुक नहीं कराएंगे, कंज्यूमर कोर्ट में केस दर्ज करेंगे।
गो फर्स्ट की सफाई
डीजीसीए की सख्ती और यात्रियों की नाराजगी के बीच गो फर्स्ट एयरलाइंस ने यात्रियों से माफी मांगी है। कंपनी की ओर से कहा गया है कि कुछ ऐसे कारणों से उड़ानें रद्द की गई हैं जिन्हें टाला नहीं जा सकता था। इससे पहले मंगलवार को गोफर्स्ट के सीईओ कौशिक खोना ने कहा था कि कंपनी ने एनसीएलटी के सामने दिवालिया होने के लिए आवेदन भी कर दिया है। गो फर्स्ट को ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को बकाया चुकाना है। बार-बार आने वाली दिक्कतों और प्रैट एंड व्हिटनी की तरफ से इंजनों की सप्लाई न होने चलते एयरलाइन का कैश फ्लो बहुत बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इससे कंपनी ने आधे से अधिक विमानों को जमीन पर उतार दिया है, यानी वे फ्लाइट सर्विस नहीं दे रहे हैं।
निवेशक की है तलाश
एयरलाइन को एक स्ट्रेटेजिक इंवेस्टर की तलाश है। ये संभावित निवेशकों से बात भी कर रही है। ईटी की रिपोर्ट में एक ऑयल मार्केटिंग कंपनी के एक अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि एयरलाइन कैश एंड कैरी मोड पर है, जिसका मतलब है कि इसे जितनी फ्लाइट ऑपरेट करनी हैं, उनके लिए डेली भुगतान करना होगा। कंपनी खुद ही इस बात सहमत हुई है कि अगर भुगतान नहीं किया जाता है तो वेंडर कारोबार बंद कर सकता है।
30 एयरक्राफ्ट उतारे जमीन पर
गो फर्स्ट ने इस साल 31 मार्च तक 30 एयरक्राफ्ट जमीन पर उतार दिए थे, जिनमें नौ ऐसे थे जिनकी लीज पेमेंट बकाया है। एयरलाइन की वेबसाइट के अनुसार, गो फर्स्ट के बेड़े में कुल 61 एयरक्राफ्ट हैं। इनमें 56 A320neos और पांच A320ceos हैं।
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