Venkatesh Garg: देश की सुरक्षा और जांच एजेंसियों को अंडरवर्ल्ड और संगठित अपराध के खिलाफ अभियान में एक और बड़ी सफलता मिली है। विदेश में छिपकर भारत में आपराधिक गतिविधियों को संचालित करने वाले गैंगस्टरों पर कार्रवाई करते हुए एजेंसियां कुख्यात अपराधी वेंकटेश गर्ग को जॉर्जिया से भारत वापस ला रही हैं। उसे 11 जून 2026 को दिल्ली लाए जाने की तैयारी है। हरियाणा के अंबाला जिले के नारायणगढ़ का निवासी वेंकटेश गर्ग अपराध जगत में सक्रिय होने के बाद भारत छोड़कर जॉर्जिया में जा बसा था और वहीं से अपना नेटवर्क संचालित कर रहा था। अब उसके भारत पहुंचने के बाद दिल्ली-एनसीआर सहित कई राज्यों में दर्ज गंभीर आपराधिक मामलों की जांच को नई दिशा मिलने की संभावना है। जांच एजेंसियों का मानना है कि वेंकटेश गर्ग की वापसी से कई पुराने मामलों से जुड़े अहम सुराग मिल सकते हैं और उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य अपराधियों तक पहुंचने में भी मदद मिलेगी।
बसपा नेता की कर दी थी दिनदहाड़े हत्या
वेंकटेश गर्ग पहली बार उस समय चर्चा में आया था, जब गुरुग्राम में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के एक नेता की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी। जांच के दौरान इस सनसनीखेज हत्याकांड की साजिश रचने वालों में उसका नाम प्रमुख रूप से सामने आया। वारदात के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया और भारत छोड़कर जॉर्जिया पहुंच गया। विदेश में शरण लेने के बावजूद उसने आपराधिक गतिविधियों से दूरी नहीं बनाई। जांच एजेंसियों के अनुसार, जॉर्जिया में रहते हुए वह दिल्ली-एनसीआर के कुख्यात कपिल सांगवान गिरोह से जुड़ गया और वहीं से गैंग की गतिविधियों का संचालन करने लगा। बताया जाता है कि वह विदेश में बैठकर भारत में मौजूद अपने नेटवर्क और सहयोगियों को निर्देश देता था तथा गिरोह के कई कामकाज को नियंत्रित करता था।
बेरोजगार और युवा लड़कों को धकेलता था क्राइम व्लर्ड में
जांच एजेंसियों के अनुसार, जॉर्जिया में रहकर वेंकटेश गर्ग ने एक संगठित और तकनीक आधारित आपराधिक नेटवर्क खड़ा कर लिया था। आरोप है कि वह सोशल मीडिया के जरिए बेरोजगार और युवा लड़कों को अपने प्रभाव में लेकर उन्हें गिरोह से जोड़ता था तथा अपराध की दुनिया में धकेलता था। बताया जाता है कि इसी नेटवर्क के जरिए वह व्यापारियों, बिल्डरों और अन्य संपन्न लोगों को निशाना बनाकर कथित तौर पर रंगदारी वसूली का कारोबार संचालित करता था। जांच में यह भी सामने आया है कि विरोध करने वालों को डराने-धमकाने और गंभीर वारदातों को अंजाम देने के लिए वह विदेश में बैठकर योजनाएं तैयार करता था, जबकि उसके सहयोगी भारत में उन्हें अंजाम देते थे। वेंकटेश गर्ग के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों में हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी और संगठित अपराध से जुड़े एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज बताए जाते हैं। उसकी आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए हरियाणा पुलिस ने उस पर 2 लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया हुआ था।
