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गलगोटिया यूनिवर्सिटी को भारी पड़ी रोबोट वाली गलती, AI समिट से दिखाया गया बाहर का रास्ता

AI Summit: गलगोटिया यूनिवर्सिटी को 'एआई इम्पैक्ट समिट' में अपना स्टॉल खाली करने के लिए कहा गया है। सूचना प्रौद्योगिकी सचिव एस. कृष्णन ने विवाद के बाद कहा कि सरकार नहीं चाहती कि कोई भी प्रदर्शक ऐसी वस्तुओं का प्रदर्शित करे जो उसकी अपनी न हों।

galgotias university robot controversy

एआई समिट में गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने लगाया स्टॉल (फोटो साभार: facebook.com/GalgotiasUniversity)

AI Summit: गलगोटिया यूनिवर्सिटी को 'एआई इम्पैक्ट समिट' में अपना स्टॉल खाली करने के लिए कहा गया है। चीन में निर्मित एक 'रोबोटिक डॉग' को अपने स्वयं के नवाचार के तौर पर प्रदर्शित करने को लेकर हुए विवाद के बाद उसे प्रदर्शनी से हटने को कहा गया है। सूचना प्रौद्योगिकी सचिव एस. कृष्णन ने विवाद के बाद कहा कि सरकार नहीं चाहती कि कोई भी प्रदर्शक ऐसी वस्तुओं का प्रदर्शित करे जो उसकी अपनी न हों।

क्या है पूरा मामला?

आयोजकों द्वारा गलगोटिया यूनिवर्सिटी को अपना 'स्टॉल' खाली करने के लिए कहे जाने के बाद उन्होंने कहा, ''हम इस तरह की चीजों को प्रदर्शित करना जारी नहीं रखना चाहते।'' यह विवाद तब शुरू हुआ जब यूनिवर्सिटी में संचार की प्रोफेसर नेहा सिंह ने मंगलवार को डीडी न्यूज को 'ओरियन' नामक एक 'रोबोटिक डॉग' को दिखाते हुए कहा था कि इसे '' गलगोटिया यूनिवर्सिटी के सेंटर ऑफ एक्सिलेंस द्वारा विकसित किया गया है।''

कैसे बढ़ा विवाद?

वीडियो के सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद लोगों ने इस रोबोट के वास्तव में एक 'यूनिट्री गो2' होने की बात कही जिसे चीन की यूनिट्री रोबोटिक्स द्वारा निर्मित किया गया है। इसका इस्तेमाल आमतौर पर दुनिया भर में अनुसंधान एवं शिक्षा के लिए किया जाता है। विवाद अधिक बढ़ने पर यूनिवर्सिटी को स्टॉल खाली करने के लिए कहा गया है।

आलोचनाओं का सामना करते हुए, गलगोटिया और प्रोफेसर नेहा सिंह दोनों ने बुधवार को कहा कि रोबोट, यूनिवर्सिटी द्वारा निर्मित नहीं है और संस्थान ने ऐसा दावा कभी नहीं किया है। सूचना प्रौद्योगिकी सचिव कृष्णन ने हालांकि इस बात पर जोर दिया कि सरकार यह बर्दाश्त नहीं करेगी कि किसी दूसरे के बनाए उत्पाद को अपना मौलिक उत्पाद बताकर प्रदर्शित करे। उन्होंने कहा, '' अगर आप गुमराह करते हैं... हम कोई विवाद नहीं चाहते (और) इसलिए हम कोई विवादास्पद एजेंसी नहीं चाहते... जिसके बारे में लोगों का मानना है कि वह कुछ ऐसा प्रदर्शित कर रही है जो उनका नहीं है।''

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव अभिषेक सिंह ने कहा कि इसका उद्देश्य नवाचार को दबाना नहीं है, लेकिन यह भ्रामक भी नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह विवाद ''अन्य लोगों द्वारा किए गए प्रयासों पर भारी नहीं पड़ना चाहिए।''

गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने दी सफाई

गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने इन आरोपों के बाद बयान जारी कर सफाई दी और कहा, '' रोबोटिक प्रोग्रामिंग छात्रों को एआई प्रोग्रामिंग सिखाने और वैश्विक स्तर पर उपलब्ध उपकरणों एवं संसाधनों का उपयोग करके वास्तविक दुनिया के कौशल विकसित करने और उन्हें क्रियान्वित करने के हमारे प्रयास का हिस्सा है, क्योंकि एआई प्रतिभा का विकास समय की आवश्यकता है।''

यूनिवर्सिटी ने कहा कि उसके संकाय एवं छात्र, उनके खिलाफ चलाए गए दुष्प्रचार अभियान से ''बेहद आहत'' हैं। यूनिवर्सिटी का मकसद छात्रों को सिखाना और नवाचार पर ध्यान देना है। यह छात्रों को व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने और भविष्य के लिए तैयार होने में मदद करने के लिए आधुनिक प्रौद्योगिकियों तक पहुंच प्रदान करता है।

इसमें कहा गया, '' नकारात्मकता फैलाने से उन छात्रों का मनोबल गिर सकता है जो वैश्विक प्रौद्योगिकियों का उपयोग करके नवाचार करने, सीखने और अपने कौशल को विकसित करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं।'' यूनिवर्सिटी ने स्पष्ट किया कि इस अभ्यास का उद्देश्य वैश्विक स्तर पर उपलब्ध मंचों और उपकरणों का उपयोग करके व्यावहारिक एआई प्रोग्रामिंग कौशल प्रदान करना था।

प्रोफेसर नेहा सिंह ने बदले सुर

इस बीच, बुधवार को प्रदर्शनी में यूनिवर्सिटी के 'स्टॉल' पर कुछ भी प्रदर्शित नहीं किया गया। हालांकि, यूनिवर्सिटी के कुछ छात्र अब भी स्टॉल पर नजर आए। इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए गलगोटिया यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर नेहा सिंह ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा, '' यह विवाद इसलिए खड़ा हुआ, क्योंकि शायद बातों को स्पष्ट रूप से व्यक्त नहीं किया गया और इसके पीछे की मंशा को ठीक से समझा नहीं गया।''

उन्होंने कहा, '' 'रोबोट डॉग' के बारे में हम यह दावा नहीं कर सकते कि हमने इसे बनाया है। मैंने सभी को बताया है कि हमने इसे अपने छात्रों के समक्ष इसलिए पेश किया ताकि वे खुद कुछ बेहतर बनाने के लिए प्रेरित हों। हमारा यूनिवर्सिटी कृत्रिम मेधा (एआई) के क्षेत्र में अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी प्रदान करके भविष्य के दिग्गज बनाने में योगदान देता है और आगे भी ऐसा करना जारी रखेगा।'' सरकार द्वारा यूनिवर्सिटी को प्रदर्शनी क्षेत्र खाली करने के लिए कहे जाने के बारे में उन्होंने कहा, '' मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। मुझे बस इतना पता है कि आज हम सभी यहां मौजूद हैं।''

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अनुराग गुप्ता
अनुराग गुप्ता author

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स ... और देखें

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