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G20: भारत ने वैश्विक मेडिकल रेस्पॉन्स कोर बनाने का रखा प्रस्ताव, दुनियाभर में स्वास्थ्य सेवाओं का बढ़ेगा दायरा

G20 Summit In South Africa: जी20 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य आपात स्थितियों और प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए एक G20 Global Medical Corps (वैश्विक स्वास्थ्य सेवा प्रतिक्रिया दल) के गठन का प्रस्ताव रख रहा है। प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि महामारी और आपदाओं के दौर में देशों के बीच समन्वित प्रयास ही सबसे प्रभावी समाधान साबित होते हैं।

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भारत ने वैश्विक मेडिकल रेस्पॉन्स कोर बनाने का रखा प्रस्ताव: पीएम मोदी।(फोटो सोर्स: ANI)

Photo : ANI

G20 Summit In South Africa: पीएम नरेंद्र मोदी 20 शिखर सम्मलेन में हिस्सा लेने के लिए दक्षिण अफ्राकी के जोहान्सबर्ग पहुंचे हैं। 21 से 23 नवंबर तक होने वाले शिखर सम्मेलन में ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं पर बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है।

पीएम मोदी ने शनिवार को सम्मेलन को संबोधित किया। वहीं, उन्होंने चार नए प्रस्ताव को भी रखा। प्रस्तावों में ग्लोबल ट्रेडिशनल नॉलेज रिपॉजिटरी, अफ्रीका स्किल्स मल्टीप्लायर इनिशिएटिव, ग्लोबल हेल्थकेयर रिस्पॉन्स टीम और ड्रग-टेरर नेक्सस का मुकाबला करने की पहल शामिल है।

जी20 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य आपात स्थितियों और प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए एक G20 Global Medical Corps (वैश्विक स्वास्थ्य सेवा प्रतिक्रिया दल) के गठन का प्रस्ताव रख रहा है।

यह दल विभिन्न देशों को संकट के समय त्वरित चिकित्सा सहायता, राहत और तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने के लिए काम करेगा। प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि महामारी और आपदाओं के दौर में देशों के बीच समन्वित प्रयास ही सबसे प्रभावी समाधान साबित होते हैं।

पहली बार जी20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा अफ्रीका

जी-20 शिखर सम्मेलन को लेकर पीएम मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर कई पोस्ट किए हैं। उन्होंने लिखा, 'जोहानिसबर्ग, दक्षिण अफ्रीका में हुए जी20 शिखर सम्मेलन के पहले सत्र में मैंने हिस्सा लिया। यह सत्र समावेशी और सतत विकास पर केंद्रित था। अफ्रीका पहली बार जी20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है ऐसे में अब सही समय है कि हम अपने विकास के मापदंडों को फिर से सोचें और ऐसा विकास चुनें जो सबको साथ लेकर चले और धरती के संतुलन को बनाए रखे। भारत के प्राचीन विचार, खासकर समग्र मानववाद का सिद्धांत, हमें आगे का रास्ता दिखाता है।'

उन्होंने पोस्ट में आगे लिखा," मैंने कुछ ठोस सुझाव रखे ताकि सर्वांगीण विकास का सपना सच हो सके। सबसे पहले- जी20 ग्लोबल ट्रेडिशनल नॉलेज रिपॉजिटरी बनाने का प्रस्ताव। भारत के पास पारंपरिक ज्ञान का विशाल खजाना है। यह पहल हमारी सामूहिक बुद्धि को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने में मदद करेगी और बेहतर स्वास्थ्य व जीवनशैली का मार्ग खोलेगी। अफ्रीका की प्रगति, दुनिया की प्रगति है। भारत हमेशा अफ्रीका के साथ खड़ा रहा है। मुझे गर्व है कि भारत की जी20 अध्यक्षता के दौरान ही अफ्रीकन यूनियन को जी20 में स्थायी सदस्यता मिली। इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए, भारत ने जी20 - अफ्रीका कौशल गुणक पहल का प्रस्ताव रखा है। हमारा सामूहिक लक्ष्य होना चाहिए कि आने वाले दस वर्षों में अफ्रीका में 10 लाख प्रमाणित प्रशिक्षकों को तैयार किया जाए।"

भारत ने जी20 वैश्विक स्वास्थ्य प्रतिक्रिया टीम बनाने का भी सुझाव दिया है। स्वास्थ्य संकटों और प्राकृतिक आपदाओं का सामना हम मिलकर ही बेहतर कर सकते हैं। उद्देश्य यह होना चाहिए कि जी20 देशों के प्रशिक्षित मेडिकल विशेषज्ञों की टीमें तैयार रहें, जिन्हें किसी भी आपात स्थिति में तुरंत भेजा जा सके। ड्रग तस्करी, खासकर फेंटानिल जैसे खतरनाक पदार्थों के फैलाव से निपटने के लिए भारत ने जी20 पहल ऑन काउंटरिंग द ड्रग-टेरर नेक्सस का प्रस्ताव रखा है। आइए मिलकर इस भयावह नशा-आतंक गठजोड़ को कमजोर करें!

पीएम मोदी ने की मेलोनी से मुलाकात

शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से मुलाकात की. यह बातचीत जोहान्सबर्ग में चल रही बहुपक्षीय बैठकों के बीच हुई, जहां दोनों नेताओं ने आपसी मुद्दों पर चर्चा की।

G20 में कौन-कौन से देश शामिल हैं?

अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, दक्षिण कोरिया, मैक्सिको, रूस, तुर्किये, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका देश शामिल हैं. इसके अलावा दो क्षेत्रीय संगठन भी इस समूह में शामिल हैं - यूरोपीय संघ और अफ्रीकी संघ।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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