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G20 Summit: दिल्ली में कहां और क्या पाबंदी? कबसे चलेगी मेट्रो; जानिए 7 अहम सवालों के जवाब

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Sep 8, 2023, 07:22 AM IST

G20 Summit in Delhi: जी-20 समिट को लेकर दिल्ली में कई तरह के प्रतिबंध लागू किए गए हैं। हालांकि, आयोजन स्थल के आसपास के इलाकों को छोड़कर अन्य सभी हिस्से पूरी तरह से खुले रहेंगे। इसके बावजूद लोगों के मन में कई सवाल हैं। ऐसे में हम उन 7 अहम सवालों के जवाब यहां देंगे, जिससे लोगों की उलझनें दूर हो सकती हैं...

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जी-20 समिट

Photo : BCCL

G20 Summit in Delhi: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 9 व 10 सितंबर यानी कल और परसों जी-20 समिट का आयोजन होने जा रहा है। इस समिट के लिए विदेशी मेहमानों के आने का सिलसिला शुरू हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन भी भारत के लिए रवाना हो चुके हैं, इसके अलावा अन्य सभी मेहमान भी आज दिल्ली पहुंच जाएंगे। ऐसे में दिल्ली में सुरक्षा को लेकर बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं। विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्षों की सुरक्षा के लिए कई सड़कों को भी बंद किया गया है और कई प्रतिबंध भी लागू किए गए हैं।

इन प्रतिबंधों को लेकर लोग उलझन में हैं। सोशल मीडिया के जरिए कई ऐसी भ्रामक जानकारियां फैलाई जा रही हैं, जिनसे लोग परेशान हो रहे हैं। सोशल मीडिया पर कहा जा रहा है कि 8 से 10 सितंबर तक दिल्ली में लॉकडाउन जैसी स्थिति है। हालांकि, दिल्ली पुलिस पहले ही स्पष्ट कर चुकी है जी-20 आयोजन स्थल के आसपास के इलाकों को छोड़कर अन्य सभी हिस्से पूरी तरह से खुले रहेंगे। इसके बावजूद लोगों के मन में कई सवाल हैं। ऐसे में हम उन 7 अहम सवालों के जवाब यहां देंगे, जिससे लोगों की उलझनें दूर हो सकती हैं...

क्या पूरी दिल्ली बंद है?

नहीं। यह गलत जानकारी है। पूरी दिल्ली बंद नहीं है और न ही लोगों के आने-जाने पर कोई रोक है। बस नई दिल्ली नगर पालिका परिषद यानी NDMC के कुल इलाकों को प्रतिबंधित किया गया है। यह प्रगति मैदान के आसपास का क्षेत्र है। रिंग रोड के जरिए सिर्फ नई दिल्ली के इलाके में आप प्रवेश नहीं कर सकते हैं। इसके अलावा पूरी दिल्ली खुली रहेगी। सबकुछ सामान्य रहेगा।

NCR से दिल्ली आने वालों के लिए क्या प्रतिबंध है?

आप NCR यानी नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम से दिल्ली आ सकते हैं। इसमें किसी तरह का कोई प्रतिबंध नहीं है। बस आपको नई दिल्ली के प्रतिबंधित इलाके में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।

क्या सभी स्कूल बंद हैं?

हां, दिल्ली सरकार ने रविवार तक पूरी दिल्ली के सभी स्कूलों को बंद रखने का आदेश जारी किया है। वहीं जहां तक दफ्तर का सवाल है तो केवल NDMC इलाके में आने वाले निजी और सरकारी दफ्तर पूरी तरह से बंद रहेंगे। बाकी हिस्सों में ऑफिस पहले की भांति खुलेंगे।

क्या पूरी दिल्ली के बाजार बंद रहेंगे?

नहीं, ऐसा नहीं है। जी-20 सम्मेलन के दौरान नई दिल्ली को छोड़कर अन्य इलाकों के बाजारों पर कोई प्रतिबंध नहीं है। सामान्य दिनों की तरह बाजार खुलेंगे। नई दिल्ली में आने वाले कनॉट प्लेस, खान मार्केट, बंगाली मार्केट, जनपथ, गुजराती मार्केट, पालिका बाजार बंद रहेंगे। इन इलाकों में आवश्यक वस्तुओं जैसे राशन, दूध, फल, सब्जी और दवाइओं की दुकान खुली रहेगी।

मरीज को अस्पताल ले जा सकते हैं?

बिल्कुल। इस पर कोई प्रतिबंध नहीं है। इमरजेंसी हो तो आप अपने मरीज को अस्पताल ले जा सकते हैं। हालांकि, आपको उससे जुड़े स्वास्थ्य कागज अपने साथ रखने होंगे। इसके अलावा अगर आप रेलवे स्टेशन की यात्रा कर रहे हैं तो भी आप पर कोई प्रतिबंध नहीं है। हालांकि, आपके पास जरूरी कागजात होने चाहिए।

क्या सभी मेट्रो स्टेशन बंद हैं?

नहीं। दिल्ली पुलिस ने इसको लेकर स्पष्ट किया है कि केवल सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन बंद रहेगा। बाकी सभी स्टेशनों पर सामान्य तरीके से मेट्रो सेवा जारी रहेगी। हालांकि, VIP मेहमानों के काफिले रवाना होते समय संबंधित मेट्रो गेटों को 15 से 20 मिनट के लिए बंद किया जाएगा। इसके अलावा सभी मेट्रो स्टेशनों की पार्किंग बंद रहेगी।

क्या दिल्ली में सार्वजनिक वाहन चलेंगे?

बिल्कुल। दिल्ली में सामान्य तरीके से मेट्रो, बस, ऑटो और कैब चलेंगी। बसों के लिए एक रूट तया किया गया है, वे तय स्थान पर ही अपना सफर खत्म कर करेंगी। इसके अलावा आप रिंग रोड के जरिए नई दिल्ली के इलाके में प्रवेश नहीं कर सकेंगे।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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