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G 20 विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद संयुक्त घोषणापत्र नहीं हुआ जारी, रूस-यूक्रेन युद्ध पर गतिरोध बरकरार

  • Authored by: शिवानी शर्माEdited by: रामानुज सिंह
  • Updated Mar 2, 2023, 07:11 PM IST

G20 समूह के देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में रूस और यूक्रेन युद्ध को लेकर आम सहमति नहीं बन सकी। विदेश मंत्री एस जयशंकर के मुताबिक यूक्रेन के मुद्दे पर सभी देशों के अलग-अलग मत थे। कुछ मुद्दों पर सहमति बनी।

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G 20 विदेश मंत्रियों की बैठक

Photo : Times Now Digital

रूस और यूक्रेन युद्ध को लेकर एक बार फिर G20 समूह के देश आम सहमति नहीं बना पाए। भारत की अध्यक्षता में हुई G20 विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद संयुक्त घोषणा पत्र जारी नहीं किया गया। यूक्रेन युद्ध के मसले पर पश्चिमी देशों और रूस के बीच गतिरोध बरकरार है। विदेश मंत्री डॉक्टर एस जयशंकर के मुताबिक यूक्रेन के मुद्दे पर सभी देशों के अलग-अलग मत थे। कुछ मुद्दों पर सहमति बनी लेकिन रूस-यूक्रेन युद्ध पर आम सहमति नहीं बन सकी और इसीलिए संयुक्त घोषणा पत्र जारी नहीं हो सका। जी-20 की बैठक के बाद फाइनल आउटकम डॉक्यूमेंट जारी किया गया जिसमें ज्यादातर बिंदुओं पर सहमति बनती हुई दिखाई दी लेकिन रूस यूक्रेन युद्ध के मुद्दे पर ज्यादातर देशों की राय अलग-अलग नजर आई। हाल ही में बेंगलुरु में हुए जी-20 वित्त मंत्रियों के सम्मेलन में भी रूस और यूक्रेन के मुद्दे पर सभी देशों में आम सहमति नहीं बन सकी थी।

1 और 2 मार्च को हुई विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद डॉ एस जयशंकर ने अपने संबोधन में कहा कि कुल 27 देशों के विदेश मंत्रियों ने इस सम्मेलन में हिस्सा लिया। कोरिया और जापान की तरफ से विदेश राज्य मंत्री इस समिट में शामिल हुए, 9 मेहमान देशों और 13 संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी इस सम्मेलन में हिस्सा लिया। यह आयोजन अब तक G20 विदेश मंत्रियों की बैठक का सबसे बड़ा आयोजन था। विदेश मंत्रियों की बैठक में आतंकवाद की निंदा की गई और तमाम बाईलेटरल बैठक में भी हुई। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया कि भारत ने इस सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए ग्लोबल साउथ से जुड़े मुद्दों को वैश्विक मंच पर पहली बार उठाया है।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि G20 सम्मिट में चीन के विदेश मंत्री किन गैंग के साथ 45 मिनट तक बातचीत की गई, इस बातचीत का मुख्य फोकस लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर भारत और चीन के बीच असाधारण परिस्थितियों पर ही रहा। विदेश मंत्री के मुताबिक भारत और चीन के बीच यही मुख्य मुद्दा है और इस पर हम समाधान के लिए खुलकर बातचीत करना चाहते हैं। विदेश मंत्री डॉक्टर एस जयशंकर ने अमेरिका के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट समेत रूस के विदेश मंत्री सरगेई लावरोव से भी द्विपक्षीय वार्ता की इन सभी मुलाकातों में ग्लोबल साउथ में शांति फूड सिक्योरिटी और संसाधनों के सभी के लिए बेहतर इस्तेमाल पर जोर दिया गया।

G20 विदेश मंत्रियों की बैठक के अगले ही दिन यानी शुक्रवार को नई दिल्ली में क्वाड देशों के प्रतिनिधियों की भी एक बड़ी बैठक होनी है जिसमें भारत, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और जापान के विदेश मंत्री मुलाकात करेंगे। इस सम्मेलन का मुख्य मुद्दा आपसी सहयोग बढ़ाने के साथ चीन को नियंत्रित करने का होगा।

शिवानी शर्मा
शिवानी शर्माauthor

19 सालों के पत्रकारिता के अपने अनुभव में मैंने राजनीति, सामाजिक सरोकार और रक्षा से जुड़े पहलुओं पर काम किया है। सीमाओं पर देश के वीरों का शौर्य, आत्मनिर्भर होती भारत की सेनाओं का साहस और रक्षा मंत्रालय की हर हलचल के साथ ही रूस-यूक्रेन युद्ध को नज़दीक से देखा, समझा और रिपोर्ट किया है। विषमताओं को पार कर वास्तविक नियंत्रण रेखा पर 19,300 फीट पर दुनिया के सबसे ऊँचे पास पर पहुँचने वाली पहली पत्रकार होने का गौरव प्राप्त किया। Times Now नवभारत पर रक्षा क्षेत्र से जुड़ी ऐसी महत्वपूर्ण खबरें लाना मेरी कोशिश है जो आपको सिर्फ सच बताएं।

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