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दिल्ली की सत्ता में आई भाजपा, तो क्या जारी रहेंगी मुफ्त बिजली, पानी देने की योजनाएं? इस नेता ने दिया जवाब

Delhi Politics: अगर भारतीय जनता पार्टी दिल्ली की सत्ता पर काबिज होती है तो मुफ्त बिजली और पानी वाली स्कीम जारी रहेगी या खत्म हो जाएगी? इसका जवाब पार्टी के सांसद रामवीर बिधूड़ी ने दिया और बताया कि दिल्ली में भाजपा के सत्ता में आने पर मुफ्त बिजली, पानी देने की योजनाएं जारी रहेंगी।

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भाजपा ने बताया दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए अपना प्लान।

BJP Plan for Delhi: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने सोमवार को कहा कि उनकी पार्टी के दिल्ली की सत्ता में आने पर, मौजूदा आम आदमी पार्टी (आप) सरकार द्वारा शुरू की गई मुफ्त बिजली, पानी और महिलाओं के लिए बस यात्रा की सुविधा को जारी रखा जाएगा। बिधूड़ी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भाजपा बृहस्पतिवार से समाज के विभिन्न वर्गों के साथ बैठकों के माध्यम से पार्टी के घोषणा पत्र के लिए लोगों की राय लेने की कवायद शुरू करेगी।

मुफ्त योजनाओं को जारी रखेगी भाजपा

दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए प्रदेश भाजपा की घोषणापत्र समिति के अध्यक्ष बिधूड़ी ने एक बयान में कहा, ‘‘फरवरी में होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत के बाद 200 यूनिट बिजली, 20,000 लीटर पानी और महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा जैसी सुविधाएं जारी रहेंगी।’’ उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में आयुष्मान भारत स्वास्थ्य योजना को लागू करने का भी निर्णय लिया जाएगा।

घोषणा पत्र के लिए भाजपा ने बनाया प्लान

दक्षिण दिल्ली से सांसद ने एक फोन नंबर भी जारी कर पार्टी के घोषणा पत्र के लिए सोशल मीडिया के जरिये सुझाव आमंत्रित किए। बिधूड़ी ने कहा कि विधानसभा क्षेत्रों में और जिला स्तर पर समाज के विभिन्न वर्गों के साथ बैठक की जाएगी। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं एवं घोषणा पत्र समिति के सदस्यों को दिल्ली के विभिन्न लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों का प्रभार दिया गया है। इनमें प्रवेश वर्मा को चांदनी चौक, अरविंदर सिंह लवली को नयी दिल्ली, सतीश उपाध्याय को पूर्वी दिल्ली, कैलाश गहलोत और अभिषेक टंडन को दक्षिण दिल्ली तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन और विजय गोयल को उत्तर पश्चिम दिल्ली का प्रभार दिया गया है।

फरवरी 2025 में होना है दिल्ली विधानसभा चुनाव

बिधूड़ी ने कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी पार्टी घोषणा पत्र के लिए लोगों की प्रतिक्रियाएं प्राप्त करने संबंधी विभिन्न गतिविधियों के समन्वय की जिम्मेदारी संभालेंगी। दिल्ली विधानसभा चुनाव फरवरी 2025 में होना है। बिधूड़ी ने कहा कि लोगों की प्रतिक्रिया प्राप्त करने के लिए प्रत्येक जिले में वीडियो वाहन तैनात किये जाएंगे। प्रदेश भाजपा प्रमुख वीरेंद्र सचदेवा सात दिसंबर को वीडियो वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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