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I.N.D.I.A Alliance: चार चीजें जो इंडी गठबंधन अभी कर रही है, सबसे अहम सीट शेयरिंग का फ़ॉर्मूला

  • Authored by: रंजीता झा
  • Updated Jan 10, 2024, 07:43 PM IST

I.N.D.I.A Alliance Seat Sharing News: इंडी गठबंधन लोकसभा चुनाव को लेकर लगातार रणनीति बना रही ताकि बीजेपी को हराया जा सके, वही इंडी गठबंधन के संयोजक बनाने पर भी लगातार चर्चा हो रही है।

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सबसे अहम सीट शेयरिंग का फ़ॉर्मूला

Photo : PTI

I.N.D.I.A Alliance Seat Sharing: 2024 लोकसभा चुनाव में बीजेपी (BJP) को शिकस्त देने के लिए इंडी गठबंधन (I.N.D.I.A Alliance) लगातार रणनीति बना रही है जिसके तहत सबसे अहम सीट शेयरिंग का फ़ॉर्मूला है, कांग्रेस की इंडिया अलाइंस कमिटी राज्यवार पार्टियो के साथ मैराथन बैठक कर रही है ताकि जल्द सीट का बँटवारा हो सके।

1. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिक़ार्ज़ुन खड़गे तमिलनाडु CM स्टालिन,लालू,नीतीश कुमार,उद्धव और लेफ्ट पार्टियों से ज़ूम के ज़रिये बात कर रहे हैं वही फ़ोन पर भी चर्चा इस बात की हो रही है कि पार्टियो के बीच बेहतर समन्वय कैसे स्थापित किया जाए वही इंडी गठबंधन के संयोजक बनाने पर भी लगातार चर्चा हो रही है, सूत्रों का कहना है की जनवरी के महीने में इसपर फ़ैसला हो जायेगा।

2.कांग्रेस पार्टी इंडी गठबंधन के साथ सीट शेयरिंग के बातचीत को तेज कर रही है, गठबंधन के लिये बनाई गई कांग्रेस की आंतरिक कमिटी को कांग्रेस नेतृत्व की तरफ़ से निर्देश दिया गया है कि सभी पार्टी की इच्छाओ को ध्यान में रखकर सीट शेयरिंग करे। वही सीट शेयरिंग का फार्मूला राष्ट्रीय रखा जाए ताकि जीतने वाला उम्मीदवार गठबंधन के पास होगा।

3. सूत्रों का कहना है की लोकसभा चुनाव में इंडी गठबंधन की पार्टिया वही सीटे माँग रही है जिसपर विपक्ष मज़बूत है और जीतने की पूरी संभावना है,वो सीट कोई पार्टी नही माँग रहा जिसपर बीजेपी मज़बूत है।

4. 14 जनवरी को भारत न्याय यात्रा शुरू होने से पहले शीर्ष नेताओं की बैठक होने वाली है। इससे आगे की रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए शरद पवार, उद्धव ठाकरे और अन्य लोग खड़गे और राहुल गांधी से मुलाकात कर सकते हैं और साथ ही स्वीकृत सीट बंटवारे के फॉर्मूले पर मुहर लगा सकते हैं।

रंजीता झा
रंजीता झाauthor

13 साल के राजनीतिक पत्रकारिता के अनुभव में मैंने राज्य की राजधानियों से लेकर देश की राजधानी तक सियासी हलचल को करीब से देखा है। प्लांट की गई बातें ख़बरें नहीं होती बल्कि बातों के पीछे छुपी सच्चाई असली ख़बर होती है। खबरें वही जो आपके सरोकार की हो वो आपतक लेकर आऊंगी।

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